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पाक में कानून व्यवस्था को तोड़ रही काउंटर-इंटेलिजेंस की विफलता, हालिया हमले आतंकवाद के पुनरुत्थान का संकेत
Fri, 12 Mar 2021 03:26 PM IST
प्रियंका तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर अजाला, कराची
न्यूज डेस्क, अमर अजाला, कराची
Published by: प्रियंका तिवारी
Updated Fri, 12 Mar 2021 03:26 PM IST
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पाकिस्तान का झंडा
- फोटो : सोशल मीडिया
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पाकिस्तान में काउंटर-इंटेलिजेंस की विफलता के चलते यहां कि कानून व्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है।
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पाकिस्तानी अखबार के एक संपादकीय अंश के अनुसार, हमलों में हालिया तेजी देश में आतंकवादी पुनरुत्थान का स्पष्ट संकेत है। बुधवार को एक चीनी यात्री घायल हो गया था, जब सशस्त्र मोटरसाइकिल चालकों ने सिंध सीवेज वेस्ट मैनेजमेंट बोर्ड के वाहन में आग लगा दी थी, जिसमें वह यात्रा कर रहा था।
इससे पहले पिछले शनिवार को ग्वादर जिले में पाकिस्तान के नौसेना के वाहन पर भी हमला हुआ, जिसमें नौसेना के तीन जवान मारे गए थे।
पाकिस्तानी अखबार के संपादकीय के अनुसार, उत्तरी वजीरिस्तान में भी हमलों की संख्या में वृद्धि हुई है, जिसे सेना के ऑपरेशन रद्द-उल-फसाद के परिणामस्वरूप कुचल दिया गया था।
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संपादकीय में आगे लिखा गया हे कि यह पाकिस्तान सेना के साथ-साथ एनजीओ कार्यकर्ताओं के लिए जानमाल की हानि के परिणामस्वरूप आतंकवादी गतिविधि के पुनरुत्थान का एक स्पष्ट संकेत है।
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इसमें मुताबिक साल 2016 के बाद से बलूचिस्तान और कराची दोनों में कई हमले हुए हैं, वहां चीनी उपस्थिति पर लक्षित है।
संपादकीय में लिखा है, ‘विफलता का रिकॉर्ड संदेह को जन्म देता है कि आतंकवादियों की गतिविधियों का पता लगाने के अपने प्राथमिक कार्य पर काउंटर-इंटेलिजेंस पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहा है।’