चिंता: बुजुर्गों-बीमारों के बाद अब युवाओं को भी तेजी से चपेट में ले रहा वायरस
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बुजुर्ग और बीमार लोगों के बाद अब कोरोना की चपेट में आने वाले युवाओं की भी संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसमें ऐसे युवा ज्यादा हैं, जिनमें संक्रमण के लक्षण नहीं पाए जाते लेकिन ये दूसरों में बीमारी फैला रहे हैं। अमेरिका के एरिजोना में अब तक आधे संक्रमित 20 से 44 वर्ष के हैं। फ्लोरिडा में मार्च में 65 वर्ष की उम्र वाले अधिक चपेट में आए थे, लेकिन अब उम्र का औसत 35 हो गया है। दूसरे देशों में भी संक्रमित युवाओं की संख्या बढ़ रही है।
अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के निदेशक डॉ. रॉबर्ट रेडफील्ड ने कहा कि अब युवा संक्रमण को बढ़ाने में मदद कर रहे हैं, जबकि कुछ की पहचान नहीं हो पा रही है। उनका अनुमान है, अभी अगर एक मामला सामने आ रहा है तो इसका मतलब है कि दस और लोग संक्रमित हुए हैं।
युवाओं में संक्रमण क्यों बढ़ रहा है, इसका कोई एक जवाब नहीं है। हां, यह जरूर है कि बुजुर्गों की तुलना में युवाओं के अस्पताल में भर्ती होने और मौतों का आंकड़ा कम है। वह कहते हैं, वायरस का प्रकोप बढ़ने के साथ संक्रमित युवाओं की संख्या बढ़ेगी, जिससे महामारी की स्थिति और बिगड़ सकती है।
विरोध प्रदर्शन और खुली छूट पड़ रही भारी
बात अमेरिका की करें, तो वहां युवाओं में संक्रमण के मामले बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं। अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और अर्थव्यवस्था को गति देने के बहाने खुली छूट मिलने के बाद बाजार से लेकर पब तक में भीड़ युवाओं को संक्रमित बना रही है। ये एकमात्र कारण नहीं हो सकता है, लेकिन इससे संभव जरूर है।
...कहीं युवाओं से बुजुर्गों में संक्रमण तो नहीं
विशेषज्ञों का मानना है, शुरुआती दिनों में वायरस की चपेट में युवा ही आए। लेकिन रोग प्रतिरोधक क्षमता के कारण वे प्रभाव से बच गए, लेकिन घर के बुजुर्गों को इनसे संक्रमण हो गया। डॉक्टरों का मानना है कि पब-बार और दूसरे सार्वजनिक स्थानों पर युवाओं के आने-जाने से संक्रमण फैलने की गुंजाइश अधिक थी।
खुद को अजेय समझ रहे युवा
मियामी के मेयर कार्लोस गिमेनेज का कहना है युवा खुद को अजेय समझ रहे हैं। इसी वजह से संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। युवाओं में लक्षण नहीं होते हैं जिस कारण दूसरों को संक्रमित भी कर रहे हैं। इससे मरीजों की संख्या बढ़ रही है। मोटे, वजनी, मधुमेह और दूसरी बीमारियों से ग्रस्त युवाओं को खतरा हो सकता है।
संक्रमित युवा अनुमान से अधिक
महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्यूडिथ ए माल्मग्रेन का कहना है कि 20 से 30 साल के संक्रमित युवाओं की तादाद 45 फीसदी है। उनका मानना है। युवाओं को जान का खतरा कम है, लेकिन उनसे उम्रदराज को संक्रमण खतरनाक होगा।