कोरोनावायरस : ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों की पहल से इलाज में मिलेगी मदद, यूएई में पहला मामला
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कोरोनावायरस की दहशत दुनिया के अन्य देशों में भी तेजी से फैल रही है। चीन में इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 132 हो गई है। करीब 6,000 लोगों के इसकी चपेट में आने की पुष्टि की गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वायरस संक्रमण अगले 10 दिन में चरम पर पहुंच जाएगा जिसके परिणाम स्वरूप बड़ी संख्या में लोगों की मौत होगी।
अभी तक इस वायरस का इलाज नहीं है, ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने इस वायरस से लड़ने के लिए चीन के बाहर पहली बार कोरोनावायरस को नियंत्रित परिस्थितियों में विकसित किया है। मेलबर्न विश्वविद्यालय और रॉयल मेलबर्न अस्पताल के शोधकर्ताओं ने बुधवार को बताया कि इस खोज से वायरस की वैश्विक रूप से सही जांच करने और उसका इलाज ढूंढने में मदद मिलेगी।
द रॉयल मेलबर्न अस्पताल के जूलियन ड्रूस ने कहा कि चीनी अधिकारियों ने इस नोवेल कोरोनावायरस के जीन का समूह जारी किया था जो इस रोग की पहचान करने में मददगार है। असली वायरस होने से जांच की सभी पद्धतियों का सत्यापन करने में मदद मिलेगी और इस रोग के निदान में काफी महत्वपूर्ण साबित होगा।
प्राकृतिक वातावरण के बाहर जो वायरस विकसित किया गया है उसका इस्तेमाल एंटीबॉडी जांच विकसित करने में किए जाने की संभावना है। इससे उन मरीजों में भी वायरस का पता किया जा सकेगा जो लक्षण नजर नहीं आने के कारण खुद के संक्रमित होने की बात से अनजान हैं।
यूएई में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया
कोरोनावायरस चीन के बाद अन्य देशों में भी तेजी से फैल रहा है। संयुक्त अरब अमीरात में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया है। पीड़ित व्यक्ति का परिवार वुहान से है। इसे पश्चिम एशिया का कोरोना वायरस का पहला मामला माना जा रहा है।
सरकारी समाचार एजेंसी डब्ल्यूएएम ने कहा, ‘यूएई के स्वास्थ्य एवं रोकथाम मंत्रालय ने कोरोना वायरस के मामले की घोषणा की है। पीड़ित का परिवार चीन के वुहान शहर का रहने वाला है।’ हालांकि एजेंसी ने संक्रमित लोगों की संख्या नहीं बताई। डब्ल्यूएएम की खबर के अनुसार इसमें कहा गया कि संक्रमित लोगों की हालत स्थिर है और उन्हें चिकित्सीय निगरानी में रखा गया है।
वुहान से जापान के लोगों को वापस लेकर लौटा विमान
कोरोना वायरस से प्रभावित चीन के वुहान शहर से जापान के लोगों के पहले समूह को लेकर एक विमान बुधवार को तोक्यो लौट आया। विमान में लाए गए 206 लोगों में से चार खांसी और बुखार से पीड़ित हैं। उन्हें संक्रामक रोगों के इलाज में विशेषज्ञता रखने वाले, तोक्यो के एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय ने अभी किसी भी यात्री के वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि नहीं की है। जापान में अब तक इस संक्रमण के सात मामले सामने आए हैं। इसमें से एक मामला मानव से मानव में फैले संक्रमण का भी है। 60 वर्ष के एक टूर बस चालक ने वुहान से 8 से 16 जनवरी को टूर पर आए चीन के दो पर्यटक समूहों को लाने-ले जाने का काम किया था।
टोयोटा ने कोरोना वायरस के चलते नौ फरवरी तक बंद किए चीन के संयंत्र
कार बनाने वाली जापानी कंपनी टोयोटा ने चीन में स्थित अपने सभी संयंत्रों को नौ फरवरी तक के लिए बंद कर दिया है। इसकी प्रमुख वजह चीन में कोरोना वायरस का तेजी से फैलना है। टोयोटा के प्रवक्ता ने कहा कि स्थानीय और क्षेत्रीय सरकार की ओर से जारी किए गए विभिन्न दिशानिर्देशों और 29 जनवरी तक कलपुर्जों की आपूर्ति की स्थिति को देखते हुए हमने नौ फरवरी तक अपने संयंत्रों में परिचालन रोकने का निर्णय किया है। प्रवक्ता ने कहा कि वे स्थिति की निगरानी करेंगे और 10 फरवरी से परिचालन शुरू करने पर निर्णय करेंगे।
पापुआ न्यू गिनी ने एशिया से आने वाले यात्रियों पर पाबंदी लगाई
पापुआ न्यू गिनी ने घातक कोरोना वायरस से बचाव के लिए एहतियाती तौर पर एशिया से आने वाले सभी विदेशी यात्रियों के लिए बुधवार को अपने हवाईअड्डे और बंदरगाह बंद कर दिए। एयरलाइनों और नौका संचालकों को भेजे संदेश में आव्रजन मंत्रालय ने कहा कि एशियाई हवाईअड्डों और बंदरगाहों से आने वाले सभी लोगों को आज से देश में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मंत्रालय ने कहा कि पापुआ न्यू गिनी की इकलौती आधिकारिक जमीनी सीमा भी गुरुवार से सील कर दी जाएगी। पापुआ न्यू गिनी में अब तक कोरोना वायरस के संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है।
ब्रिटिश एयरवेज ने निलंबित की उड़ानें
ब्रिटिश एयरवेज ने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर चीन की उड़ानों को तुरंत निलंबित किया जा रहा है।