चीन की अर्थव्यवस्था को भी संक्रमित कर रहा कोरोनावायरस, 30 दिन में डूबे 30 लाख करोड़
- चीन में 30 साल में आर्थिक गतिविधियां सबसे निचले स्तर पर
- साल 2020 में अब तक 1.2 फीसदी कमजोर हुई चीनी करेंसी
- चीन का केंद्रीय बैंक ने कहा, बाजार में 174 अरब डॉलर डालेंगे
- औद्योगिक मुनाफा 3.3 फीसदी गिरकर 897 अरब डॉलर पर
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चीन से शुरू हुआ कोरोनावायरस इंसानों के लिए जानलेवा तो है और ये अब चीन की अर्थव्यवस्था को भी खोखला बना रहा है। बीते 30 दिन में शेयर बाजार में निवेशकों के 30 लाख करोड़ रुपये डूब चुके हैं और आर्थिक गतिविधियां 30 साल के सबसे निचले स्तर पर आ गई हैं।
अमेरिका से ट्रेड वॉर के चलते पहले ही चीनी फैक्ट्रियां दबाव में हैं और अब कोरोनावायरस ने उन्हें और करारा झटका दिया है। बीते 30 दिनों में चीन के शेयर बाजार में निवेशकों के 42,000 करोड़ डॉलर गोता खा चुके हैं। नए साल की शुरुआत से ही चीन के शेयर बाजार में भारी गिरावट का दौर जारी हैं।
इस दौरान शेयर बाजार नौ फीसदी से ज्यादा लुढ़क गया है। वहीं, चीन की करेंसी युआन साल 2020 में अब तक 1.2 फीसदी कमजोर हो गई है। चीन के केंद्रीय बैंक ने कहा है कि वह हालात का सामना करने के लिए बाजार में 174 अरब डॉलर डालेगा।
30 साल के निचले स्तर पर पहुंचा चीनी कंपनियों का मुनाफा
चीन में औद्योगिक मुनाफा 3.3 फीसदी गिरकर 897 अरब डॉलर पर आ गया है। यह 2015 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है। तब चीनी कंपनियों के मुनाफे में 2.3 फीसदी की कमी आई थी। यह आंकड़े दिसंबर 2019 तक के ही हैं।
कोरोनावायरस का आतंक इस कदर छा गया है कि चीन में बाजार पर इसका गंभीर असर देखने को मिला। सोमवार को शंघाई स्टॉक एक्सचेंज में 2015 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट आई। शंघाई शेयर बाजार सोमवार को लगभग आठ फीसदी गिरकर बंद हुआ। यह पिछले पांच साल की अवधि में सबसे बड़ी गिरावट है।
कोरोनावायरस है गिरावट की प्रमुख वजह
बाजार में गिरावट की प्रमुख वजह कोरोनावायरस है। शंघाई कम्पोजिट इंडेक्स 229.92 अंक यानी 7.72 फीसदी गिरा, जिसके बाद यह 2,746.61 अंक पर पहुंच गया। साथ ही शेनझेन कम्पोजिट इंडेक्स 8.41 फीसदी यानी 147.81 अंक गिरा, जिसके बाद यह 1,609 अंक पर बंद हुआ।