कोरोनावायरस से चीन में एक दिन में गई 254 लोगों की जान, 15,000 नए मामले आए सामने
चीन में कोरोनावायरस से प्रभावित वुहान प्रांत में फंसे भारतीयों को बाहर निकालने के लिए भारत ने निकासी अभियान चलाया था। इसके बाद दो फरवरी को एयर इंडिया का विशेष विमान भेजकर सात भारतीयों समेत 406 लोगों को वुहान से बाहर निकाला गया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अभियान की टीम के सदस्यों को एक खास प्रशंसा पत्र जारी किया है। पत्र को नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री द्वारा चालक दल को सौंप दिया जाएगा।
दूसरी ओर, चीन में जानलेवा कोरोनावायरस से एक ही दिन में रिकॉर्ड 254 लोगों की मौत हो गई। इनमें से अधिकतर मौतें वायरस से सबसे अधिक प्रभावित हुबेई प्रांत में हुई हैं। इसके अलावा कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर लगभग 60 हजार हो गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ ने स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के हवाले से कहा कि हुबेई प्रांत में बुधवार को रिकॉर्ड 242 लोगों की जान चली गई जबकि इसी दिन 15 हजार नए मामले सामने आए।
एजेंसी के मुताबिक दो महीने से अधिक समय पहले फैले कोरोनावायरस में जान गंवाने वालों की संख्या गुरुवार तक 1,367 हो गई है। इसके अलावा इससे संक्रमित लोगों की तादाद 59, 804 पहुंच गई है।
चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि उन्हें 31 प्रांतीय स्तरीय क्षेत्रों और शिनजियांग उत्पाद एवं निर्माण कोर की ओर से 15, 152 नए मामलों और 254 लोगों की मौत की रिपोर्ट मिली है। इनमें से 242 मौतें हुबेई प्रांत में हुईं।
विदेशों में कोरोनावायरस के मामलों की संख्या 440 हो गई है। इससे फिलिपींस में एक व्यक्ति की मौत हुई है। चीन के बाद जापान में कोरोनावायरस के सबसे ज्यादा 203 मामले सामने आए हैं। इनमें से अधिकतर लोगों को कोरोनावायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद क्रूज जहाज में रखा है, जिनमें दो भारतीय शामिल हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूचओ) की 15 सदस्यीय टीम फिलहाल चीन में है और कोरोनावायरस के प्रकोप से निपटने के लिए स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों की मदद कर रही है।
घबराने की जरूरत नहीं, बचाव के सारे प्रयास किए जा रहे हैं: स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कोरोनावायरस पर जानकारी देने के लिए प्रेस कांफ्रेंस की जिसमें उन्होंने बताया कि आईटीबीपी के विशेष वार्ड में रखे गए सभी लोगों के जांच के नमूने नेगेटिव पाए गए हैं और उनके हालात सामान्य हैं।
हर्षवर्धन ने बताया कि अभी तक 2,51,447 लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। साथ ही स्क्रीनिंग प्रक्रिया को 12 मुख्य और 65 छोटे पत्तनों पर अंजाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय की मदद से हम कुछ चिकित्सा आपूर्ति, उपकरण और अन्य सामग्री चीन को सद्भावना के रूप में भेज रहे हैं।
कोरोनावायरस को लेकर बात करते हुए उन्होंने कहा कि हम भारत में तीन मामलों की बहुत ही बारीकी से जांच कर रहे हैं। हमने उनके संपर्क इतिहास का पता लगाया है। मंत्री ने कहा कि हम वास्तव में आभारी हैं कि हर कोई योगदान दे रहा है। हम सब कुछ कर रहे हैं, इसलिए घबराएं नहीं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सुबह में, केंद्रीय रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने मुझे जानकारी दी है कि उनके मंत्रालय ने पहले ही दवाओं और अन्य आवश्यक चीजों को स्टॉक कर लिया है ताकि चीन जैसी कोई भी अप्रिय घटना यहां होती है तो उससे निपटा जा सके।
उन्होंने कहा कि केरल में कोरोनावायरस के पॉजीटीव पाए गए तीन मेडिकल छात्रों में से एक को छुट्टी दे दी गई है जबकि अन्य दो अन्य लोगों का दोबारा जांच की गई,जिसमें उनकी जांच रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई है। पूरी तरह से ठीक होने के बाद भी उन्हें छुट्टी दे दी जाएगी।
आईटीबीपी कैंप में रखे गए लोगों के अंतिम नमूनों को जांच के लिए लिया गया
भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस के कैंप में बनाए गए विशेष वार्ड में रखे गए 406 लोगों के अंतिम नमूनों को डॉक्टरों द्वारा ले लिया गया है। एयर इंडिया के विशेष विमान द्वारा चीन के वुहान प्रांत से मालदीव के सात नागरिकों सहित 406 लोगों को भारत लाया गया था, जिन्हें एहतियातन आईटीबीपी के छावला शिविर में रखा गया है।
वुहान में फंसे छात्रों को लाने के लिए भेजे गए एयर इंडिया के विशेष विमान के कैप्टन अमिताभ सिंह ने कहा कि यह पहली बार था कि हम इस तरह के अभियान में एक ऐसी जगह गए जो महामारी के प्रकोप का केंद्र था। उन्होंने बताया कि हमें आदेश दिया गया था कि आपको वहां जाना है, लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है और वहां से बाहर निकलना है। हमें भारत सरकार से काफी समर्थन मिला खासतौर पर स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से।
जापान में कोरोनावायरस से हुई पहली मौत
जापान में कोरोनावायरस से मौत का पहला मामला सामने आया है। जापान ने सरकार ने बताया कि कोविड-19 'COVID-19 कोरोनावायरस का नया नाम' से देश में पहली मौत हुई है। इससे पहले चीन के बाहर हांग कांग और थाईलैंड में एक-एक लोगों की मौत हुई थी।
कोरोनावायरस से निपटने के लिए की गई तैयारियों के लिए मंत्रियों के समूह का गठन
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने कहा कि पीएम के निर्देश पर, देश में नोवेल कोरोनावायरस के प्रबंधन के बारे में की गई तैयारियों और उपायों की समीक्षा, निगरानी और मूल्यांकन के लिए एक उच्च स्तरीय समूह मंत्रियों (जीओएम) का गठन किया गया।
मंत्रालय ने कहा कि जीओएम को जानकारी दी गई है कि आज तक कुल 2,315 उड़ानों में कुल 2,49,447 यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई है। यात्रियों की स्क्रीनिंग प्रक्रिया 21 हवाई अड्डों, अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह पर जारी है।
मंत्रालय ने कहा कि इसके अलावा, 15,991 लोग वर्तमान में सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सामुदायिक निगरानी में हैं। परीक्षण के लिए भेजे गए कुल 1,671 नमूनों में से केवल तीन ही पॉजीटीव पाए गए जैसा कि पहले बताया गया था।
दिल्ली एयरपोर्ट पर मिला कोरोनावायरस का संदिग्ध
बैंकाक से गुरुवार को दिल्ली पहुंचे निजी एयरलाइंस के विमान में सवार एक यात्री को कोरोनावायरस से संक्रमित होने की आशंका में अलग थलग कर दिया गया। विमानन कंपनी स्पाइस जेट की फ्लाइट के इस यात्री को कोरोना से पीड़ित होने के संदेह पर उसे अलग ले जाया गया।
स्पाईसजेट के प्रवक्ता ने बताया कि वह उड़ान संख्या एसजी-38 से यहां पहुंचा और वह 31एफ सीट पर बैठा था। वह अपनी पंक्ति में अकेला ही सफर कर रहा था। विमान के जमीन पर उतरने के बाद एयरपोर्ट हेल्थ आर्गेनाइजेशन के लोग उसे अलग ले गए। उधर दुबई में कोरोना से पीड़ित भारतीय की सेहत में सुधार आया है। उधर कोलकाता में दो यात्रियों के कोरोना से पीड़ित होने की खबरों को एयरपोर्ट प्रशासन ने निराधार बताया है।
टोक्यो दूतावास की बढ़ी सक्रियता
जापान के तट पर खड़े जहाज डायमंड प्रिंसेस में फंसे भारतीयों को लेकर सरकार सक्रिय हो गई है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि वह जहाज में मौजूद चालक दल और यात्रियों के लगातार संपर्क में है। जापानी अधिकारियों की मदद से उन तक हर संभव मदद पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस संबंध में ट्वीट कर जानकारी दी है। विदेश मंत्री ने कहा, जापान में हमारा दूतावास डायमंड प्रिंसेस के क्रू मेंबर्स और यात्रियों के लगातार संपर्क में है। इस जहाज में क्रू मेंबर समेत 138 भारतीय फंसे हैं। गौरतलब है कि बुधवार को चालक दल के भारतीय सदस्यों में से दो के नमूने जांच में कोरोना से पीड़ित पाए गए थे।
जहाज पर 3,711 लोग सवार हैं। यह पिछले सप्ताह की शुरुआत में जापान के तट पर पहुंचा था। जहाज पर कुल 138 भारतीय मौजूद हैं, जिनमें यात्री और चालक दल के सदस्य शामिल हैं।
एक ही दिन में कोरोना ने 242 को निगला
चीन में कोरोनावायरस की वजह से बुधवार को 242 लोगों की मौत हो गई। अबतक कोरोनावायरस की वजह से 1310 से ज्यादा लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा है। कोरोनावायरस के अभी तक 48 हजार 206 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। हुबेई में लोगों की जाँच अब नए और व्यापक तरीक़े से हो रही है और इसलिए ये संख्या और बढ़ रही है।
पूरे चीन में कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों के जितने मामले सामने आए हैं, उनमें से 80 फीसदी मामले सिर्फ हुबेई प्रांत के हैं। हुबेई में अब जाँच के नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। अब उन लोगों को भी संक्रमित लोगों में शामिल किया जा रहा है, जिनके सीटी स्कैन में फेफड़े का संक्रमण दिख रहा है और जिनमें थोड़े बहुत भी लक्षण दिखाई दे रहे हैं। इससे पूर्व महज न्यूक्लेइक एसिड टेस्ट पर ही भरोसा किया जा रहा था
चार देशों के इनकार के बाद 2000 लोगों को लेकर जहाज पहुंचा कंबोडिया
चार देशों के बंदरगाहों पर पनाह नहीं मिलने के बाद एक जहाज कंबोडिया पहुँच गया है। इसमें दो हजार लोग सवार हैं। अब तक चार देशों जापान, ताइवान, फिलीपिंस और थाइलैंड ने इस जहाज को अपने देश की जलसीमा में रखने से इनकार कर चुके हैं। उन्हें इस बात का भय है कि इसमें कोरोना से संक्रमित कुछ लोग हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने कंबोडिया के फ़ैसले का स्वागत किया है। संगठन ने कहा है कि इस महामारी के ख़ात्मे के बारे में कुछ भी कहना अभी जल्दबाज़ी होगी। अभी ये महामारी कहीं भी हो सकती है। संगठन के आपात प्रमुख माइकल रयान ने कहा है कि संगठन 441 में से आठ मामलों में वे संक्रमण के स्रोत पता लगाने में सफल रहे हैं। लेकिन ये सभी मामले चीन के बाहर के हैं। डब्लूएचओ ने ये भी उम्मीद जताई है कि इसका वैक्सीन तैयार हो जाएगा, लेकिन इसमें थोड़ा समय लगेगा।