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कॉन्टेक्टलैस सेवाओं की बढ़ती मांग: चीन में महामारी के चलते डिलीवरी एजेंट की जगह काम कर रहे रोबोट

Tue, 28 Sep 2021 01:26 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, बीजिंग।
एजेंसी, बीजिंग। Published by: देव कश्यप Updated Tue, 28 Sep 2021 01:26 AM IST
सार

चीन में श्रमिकों की कमी बड़ा संकट बनती जा रही है, महमारी ने यह संकट और बढ़ा दिया है। इसी वजह से 2013 से ही कई चीनी कंपनियां ड्रोन या बॉक्स जैसे रोबोट के इस्तेमाल के तरीके खोज रही हैं। ऐसे में चीन की कंपनियों के लिए रोबोट उतारने के लिहाज से यह सबसे बेहतर समय था। 

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Corona Effects Demand for contactless services Robots working in place of delivery agents in China
रोबोट (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कोविड महामारी के चलते कॉन्टेक्टलैस सेवाओं की बढ़ती मांग के बीच अलीबाबा, मीटुआन और जेडीडॉटकॉम जैसी दिग्गज चीनी कंपनियों में अगले वर्ष तक एक हजार से अधिक रोबोट डिलीवरी एजेंट्स की जगह लेने वाले हैं।

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इन कंपनियों को उम्मीद है कि 2022 तक उनके बीच 2,000 से अधिक रोबोट काम कर रहे होंगे जो मौजूदा संख्या से करीब चार गुना अधिक होंगे। रोबोट बनाने की लागत में आ रही कमी से भी डिलीवरी जैसे कामों के लिए लोगों के बजाय रोबोट रखे जाने को प्रोत्साहन मिला है।
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मीटुआन में वैज्ञानिक प्रमुख शिया हुआक्जिया ने बताया कि चीन में श्रमिकों की कमी बड़ा संकट बनती जा रही है, महमारी ने यह संकट और बढ़ा दिया है। इसी वजह से 2013 से ही कई चीनी कंपनियां ड्रोन या बॉक्स जैसे रोबोट के इस्तेमाल के तरीके खोज रही हैं।  ऐसे में चीन की कंपनियों के लिए रोबोट उतारने के लिहाज से यह सबसे बेहतर समय था। उनकी कंपनी ने फरवरी 2020 में रोबोट से फूड डिलीवरी शुरू की थी।
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ई-कॉमर्स दिग्गज जेडीडॉटकॉम की स्वायत्त ड्राइविंग इकाई के मुख्य वैज्ञानिक कोंग क्यूई कहते हैं कि उनकी कंपनी भी अपनी रोबोट सेवा आगे बढ़ाने की योजना बना रही है। पहले इसे शुरू करने लक्ष्य जून 2020 रखा गया था, लेकिन महामारी के चलते इसे फरवरी में ही शुरू कर दिया गया था।



बहरहाल, अभी रोबोटों के बजाय डिलीवरी एजेंट कार्यक्षमता के लिहाज से अधिक उपयोगी हैं, क्योंकि रोबोट को सीढ़ियां चढ़ने जैसे काम करने में समस्याएं आती हैं। इसके अलावा, रोबोट को केवल गति सीमा और सड़क की स्थिति के आधार पर कुछ मार्गों पर चलने की अनुमति दी जा सकती है। जबकि यह बंदिश डिलीवरी एजेंट्स पर लागू नहीं होती है।

इसके अलावा रोबोट का इस्तेमाल भोजन के बजाय साधारण पैकेज में ही अधिक उपयोगी है, क्योंकि रोबोट लोगों की व्यक्तिगत समय की जरूरतों के प्रति संवेदनशील नहीं हो सकते हैं। हालांकि आने वाले समय में कम कीमत में डिलीवरी के उपाय के तौर पर रोबोट लाभदायक हो सकते हैं। मिशिगन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं का दावा है कि पूर्ण और आंशिक रूप से स्वचालित वाहन शहरों में डिलीवरी लागत में 1040 फीसदी तक की कटौती कर सकते हैं।


अलीबाबा के लास्ट-माइल लॉजिस्टिक्स वाहनों ने सितंबर तक 2,00,000 से अधिक उपभोक्ताओं को दस लाख से अधिक ऑर्डर डिलीवर किए हैं। कंपनी का कहना है कि फिलहाल यह काम करने के लिए उनके पास करीब 200 रोबोट हैं जो अगले वर्ष मार्च तक 1,000 और अगले तीन वर्षों में 10,000 तक बढ़ाए जाएंगे। इसी तरह से जेडीडॉटकॉम और मीटुआन भी रोबोट की तादाद बढ़ाने की योजनाएं बना रहे हैं।

अन्य देशों में भी डिलीवरी का काम करने वाली कंपनियां रोबोट के इस्तेमाल पर काम कर रही हैं। रूस की यैन्डेक्स और ग्रबहब अमेरिकी कॉलेजों में फूड डिलीवरी के लिए रोबोट के इस्तेमाल की तैयारी कर रही हैं।

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