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दवाओं के मिश्रण से कोरोना के कारगर इलाज की उम्मीद
Fri, 14 Aug 2020 04:38 AM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 14 Aug 2020 04:38 AM IST
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Corona medicine
- फोटो : अमर उजाला
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कोरोना वायरस का इलाज पता करने में जुटे वैज्ञानिकों को अब दो दवाओं के मिश्रण से बीमारी को ठीक करने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। सेन फ्रांसिसको स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया (यूसीएसफ) में पिछले सप्ताह एक कोरोना मरीज का इलाज रेमेडेसिविर और इंटरफेरॉन बीटा दवा के मिश्रण से करने में चिकित्सकों को सफलता मिली है।
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चिकित्सक अब इसी आधार पर बड़े स्तर पर इसका ट्रायल करना चाहते हैं। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि दो दवाओं का मिश्रण कोरोना के इलाज के लिए ‘गोल्डन टिकट’ हो सकता है।
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कोरोना के एक हजार मरीजों पर ट्रायल
अमेरिकी संस्था नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (एनआईएच) की सहयोगी संस्था नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिसीज कोरोना पीड़ित एक हजार से अधिक युवा मरीजों परीक्षण करने की तैयारी में है। ये परीक्षण अमेरिका में अलग-अलग 100 स्थानों पर होगा जिसमें यूसीएसफ भी शामिल है।
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एनआईएच के अनुसार इस परीक्षण में जिन मरीजों को रेमेडेसििवर दवा दी जा रही है उन्हें इंटरफेरॉन बीटा इंजेक्शन की चार डोज दी जाएगी। जिन मरीजों को सिर्फ रेमेडेसििवर दी जा रही है उन्हें इसकी जगह प्लेसीबो इंजेक्शन दिया जाएगा।
दवा की मिक्स डोज से उम्मीदें बढ़ीं
यूसीएसफ के मेडिसिन और इन्फेक्शियस डिसीज विभाग के प्रो. पीटर चिन हांग का कहना है कि रेमेडेसििवर और इंटरफेरॉन बीटा के मिक्स डोज से उम्मीदें बढ़ गई हैं। प्रो. हांग का कहना है कि दवा की मिक्स डोज कारगर होती है तो कुछ मरीजों का घर पर भी इलाज संभव है और उन्हें अस्पताल में भर्ती नहीं होना पड़ेगा।
यही नहीं मौतों का ग्राफ कम होगा, सांस लेने के लिए इस्तेमाल होने वाली ब्रीथिंग ट्यूब की भी संख्या घटेगी। ये सब सभी के लिए बड़ी राहत है।