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Germany: जलवायु कार्यकर्ताओं ने जर्मनी में क्लॉड मोनेट की मशहूर 'लेस म्यूल्स' पेंटिंग पर मैश किए हुए आलू फेंके

Mon, 24 Oct 2022 04:17 AM IST
देव कश्यप एएनआई, पॉट्सडैम।
एएनआई, पॉट्सडैम। Published by: देव कश्यप Updated Mon, 24 Oct 2022 04:17 AM IST
सार

इस घटना को एक आश्चर्यजनक कदम कहा जा सकता है। आश्चर्य की बात यह है कि लंदन में दो लड़कियों द्वारा प्रसिद्ध चित्रकार वैन गॉघ (Van Gogh) की 'सनफ्लावर' पेंटिंग पर टमाटर का सूप फेंकने के ठीक नौ दिन बाद यह घटना सामने आई है। 

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Climate protestors throw mashed potatoes at Claude Monet Les Meules painting
जलवायु प्रदर्शनकारियों ने मोनेट की पेंटिंग पर मैश किए हुए आलू फेंके। - फोटो : वीडियो स्क्रीनग्रैब@AufstandLastGen

विस्तार

फ्रांस के मशहूर चित्रकार क्लॉड मोनेट की प्रसिद्ध पेंटिंग 'लेस म्यूल्स' एक बार फिर चर्चा में है। यह पेंटिंग इस बार जलवायु कार्यकर्ताओं द्वारा निशाना बनाए जाने को लेकर चर्चा में है। दरअसल, जर्मनी के संग्रहालय बारबेरिनी (Museum Barberini) में क्लॉड मोनेट की प्रसिद्ध पेंटिंग जलवायु कार्यकर्ता के सदस्यों का निशाना बन गई। जलवायु कार्यकर्ता के दो सदस्यों ने पेंटिंग पर मैश किए हुए आलू फेंके।

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इस घटना को एक आश्चर्यजनक कदम कहा जा सकता है। आश्चर्य की बात यह है कि लंदन में दो लड़कियों द्वारा प्रसिद्ध चित्रकार वैन गॉघ (Van Gogh) की 'सनफ्लावर' पेंटिंग पर टमाटर का सूप फेंकने के ठीक नौ दिन बाद यह घटना सामने आई है। एक वीडियो जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, इसमें साफ देखा जा सकता है कि दो पर्यावरण प्रदर्शनकारी एक दीवार पर लगी मोनेट की 'लेस म्यूल्स' पेटिंग पर पहले मैश किया हुआ आलू फेंकते हैं, फिर अपने एक-एक हाथ पर कुछ लगाकर उसे दीवार से चिपका देते हैं।

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ये प्रदर्शनकारी एक जर्मन पर्यावरण समूह 'लेट्जे जेनरेशन' (Letzte Generation ) से संबंधित हैं। उन्होंने यह कहकर अपनी कार्रवाई को सही ठहराने की कोशिश की कि उनका यह प्रदर्शन आसन्न जलवायु आपदा को लेकर एक चेतावनी है।
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वायरल वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है, "लोग भूखे मर रहे हैं, लोग ठंड से मर रहे हैं, लोग मर रहे हैं। हम एक जलवायु आपदा से प्रभावित हैं और आप सभी को एक पेंटिंग पर टमाटर के सूप या मसले हुए आलू फेंकने से डर लगता है। आप जानते हैं कि मुझे किससे डर लगता है? मुझे डर है... क्योंकि विज्ञान हमें बताता है कि हम 2050 में अपने परिवार का भरण पोषण नहीं कर पाएंगे।"

उन्होंने आगे कहा, "क्या यह सब आपको सुनाने के लिए हमें एक पेंटिंग पर मैश किया हुआ आलू फेंकना पड़ेगा? अगर हमें खाने के लिए लड़ना है तो यह पेंटिंग किसी भी चीज के लायक नहीं है। आखिरकार आप कब सुनना शुरू करेंगे? आखिरकार आप कब सुनना शुरू करेंगे और हमेशा की तरह व्यवहार करना बंद करेंगे?"



 

'लेट्जे जेनरेशन' ने अपने ट्विटर हैंडल पर इस वीडियो साझा किया और लिखा, "मोनेट की यह तस्वीर एक मंच है और जनता दर्शक हैं। अगर हमें समाज को यह याद दिलाने के लिए कि जीवाश्म कार्यप्रणाली हम सभी को मार रहा है, मैश किए हुए आलू या टमाटर का सूप पेंटिंग पर फेंकना पड़ रहा है, तो फिर हम आप सभी को एक मैश किया हुआ आलू पेंटिंग पर फेंकने के लिए देते हैं।" न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, मोनेट की 'लेस म्यूल्स' पेंटिंग 2019 में न्यूयॉर्क में एक नीलामी में लगभग 110.07 मिलियन अमेरिकी डालर में बेची गई थी।

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