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जलवायु कार्यकर्ता थनबर्ग का पर्यावरण अवॉर्ड लेने से इनकार, कहा- नेता विज्ञान को सुनें, इतना ही काफी
Wed, 30 Oct 2019 09:42 AM IST
अनवर अंसारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, स्टॉकहोम
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, स्टॉकहोम
Published by: अनवर अंसारी
Updated Wed, 30 Oct 2019 09:42 AM IST
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ग्रेटा थनबर्ग
- फोटो : पीटीआई
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स्वीडन की 16 वर्षीय जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने मंगलवार को उन्हें दिए जाने वाले पर्यावरण पुरस्कार को लेने से इनकार कर दिया। ग्रेटा ने पुरस्कार न लेने को लेकर कहा कि जलवायु आंदोलन के लिए विज्ञान को सुनने की जरूरत है न कि पुरस्कार लेने की। युवा जलवायु कार्यकर्ता के 'फ्राइडेज फॉर फ्यूचर' आंदोलन में लाखों लोग शामिल हुए थे।
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इसे लेकर ही स्टॉकहोम में नार्डिक काउंसिल ने ग्रेटा को सम्मानित किया था। थनबर्ग को स्वीडन और नॉर्वे में किए गए अपने कार्यों के लिए नामित किया गया था और संगठन द्वारा दिए जाने वाले वार्षिक पर्यावरण पुरस्कार को ग्रेटा को देने की घोषणा की थी।
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स्वीडन की न्यूज एजेंसी के अनुसार, पुरस्कार की घोषणा होने के बाद थनबर्ग की प्रतिनिधि ने दर्शकों से कहा कि वह पुरस्कार या उन्हें दिए जाने वाले 3,50,000 डेनिश क्रोनर (लगभग 36,83,000 रुपये) की पुरस्कार राशि को स्वीकार नहीं करेंगी।
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थनबर्ग फिलहाल अमेरिका में हैं। अपने इंस्टाग्राम पर उन्होंने लिखा कि पर्यावरण आंदोलन के लिए किसी भी पुरस्कार की जरूरत नहीं है। हमारे लिए जरूरत है कि आज के नेता और जो लोग सत्ता में हैं, वे विज्ञान को सुनें।
हालांकि, ग्रेटा ने पुरस्कार के लिए नॉर्डिक काउंसिल को धन्यवाद भी दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि जलवायु और पर्यावरण के मुद्दों पर नॉर्डिक देशों की दुनियाभर में बड़ी प्रतिष्ठा है। लेकिन जब असल में कार्बन उत्सर्जन और इकोसिस्टम की बात आती है तो केवल डींगे ही हांके जाते हैं।