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World news: अमेरिका को यूक्रेन में एटमी हथियारों के उपयोग का डर, भारत-चीन का विरोध अहम, पढ़ें अन्य अहम खबरें

Wed, 01 Mar 2023 06:30 AM IST
वीरेंद्र शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Wed, 01 Mar 2023 06:30 AM IST
सार

बिल बर्न्स ने भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का परमाणु हथियारों का विरोध सही समय पर की गई अपील बताया। इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री एंटन ब्लिंकन ने भारत और चीन को रूस से बात करने की अपील की थी ताकि परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को रोका जा सके।

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CIA chief described India and China opposition to nuclear weapons as extremely important
सांकेतिक तस्वीर nuclear weapon - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

रूस-यूक्रेन के बीच जहां पूर्वोत्तर मोर्चे पर भीषण जंग जारी है वहीं दुनियाभर में इसे लेकर कूटनीतिक कोशिशें भी तेज हो गई हैं। इसके लिए अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए प्रमुख ने भारत और चीन द्वारा एटमी हथियारों के विरोध को बेहद अहम बताया है। सीआईए प्रमुख बिल बर्न्स ने कहा, उन्हें रूस द्वारा कभी भी एटमी हथियारों के इस्तेमाल का डर है, लेकिन भारत-चीन के मसले पर वार्ता की पहल प्रशंसनीय है।
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बिल बर्न्स ने भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का परमाणु हथियारों का विरोध सही समय पर की गई अपील बताया। इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री एंटन ब्लिंकन ने भारत और चीन को रूस से बात करने की अपील की थी ताकि परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को रोका जा सके। ऐसे  में भारत व चीन ने जिस तरह परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का विरोध किया है, उस पर अमेरिका ने संतोष जताया है। बर्न्स ने बताया, इससे पहले रूसी खुफिया एजेंसी के प्रमुख सर्गेई नरशकिन के साथ उनकी तुर्किये में मुलाकात निराशाजनक थी। 
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जीन एडिटेड बच्चा बनाने वाले विज्ञानी ने फिर शुरू किए प्रयोग  
बीजिंग। जीन एडिटेड बच्चा बनाकर दुनिया को तकनीक और नैतिकता पर बहस को मजबूर करने वाले वैज्ञानिक हे जियांकुई ने जेल से बाहर आते ही फिर से प्रयोग शुरू कर दिए हैं। जियांकुई के एलान के साथ ही विशेषज्ञों ने चिंता जताते हुए कहा कि पूरी दुनिया को उनके शोधों को लेकर चौकन्ना रहने की जरूरत है। क्योंकि, नैतिकता और विशेषज्ञता के बिना जीन एडिटिंग के प्रयोग बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकते हैं। जियांकुई ने मंगलवार को बताया कि वे अब दुर्लभ अनुवांशिक बीमारियों पर शोध करेंगे और उनका इलाज खोजेंगे। इसके लिए वे चीन छोड़कर हांगकांग आ गए हैं। 2018 में अमेरिकी वैज्ञानिकों की ईजाद की गई क्रिस्पर कैस-9 तकनीक से दो जुड़वां बच्चियों के भ्रूणों की जीन एडिटिंग कर इस विषय की नैतिकता पर बहस खड़ी कर दी। तमाम विज्ञानियों ने नैतिक दायरा तय किए बिना इस तकनीक के इस्तेमाल को लेकर हे की निंदा की थी। पेनसिलवेनिया विश्वविद्यालय की जीन एडिटिंग विशेषज्ञ किरण मुसुनुरू कहती हैं, हे के पास जीन एडिटिंग की कोई विशेषज्ञता नहीं है। उनका पिछला प्रयोग विनाशकारी साबित हुआ है। 
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ईरान के इकलौते एशियाई चीते की गुर्दा खराब होने से मौत
तेहरान। ईरान के इकलौते एशियाई चीता शावक की मंगलवार को मौत हो गई। गुर्दा खराब होने के बाद कई दिनों से 10 माह के फिरोज नामक चीते का इलाज चल रहा था। वह अपने 3 लुप्तप्राय एशियाई चीतों में अंतिम था। पशु अस्पताल प्रमुख ने इलाज के बावजूद उसकी मौत के लिए अपनी टीम की ओर से माफी मांगी है। 
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