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शुक्रवार को म्यांमार पहुंच सकते हैं चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग, दे सकते हैं अरबों डॉलर की मदद
Thu, 16 Jan 2020 02:01 AM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 16 Jan 2020 02:01 AM IST
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (फाइल फोटो)
भारत के पड़ोसी म्यांमार को नया आकार देने के लिए निवेश का संकल्प लेकर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग शुक्रवार को पहुंच सकते हैं। वे यहां पूर्व में हाई-स्पीड रेल लाइन, पश्चिम में समुद्री बंदरगाह और यंगून के बीचोंबीच व्यावसायिक हब के विकास के लिए अरबों डॉलर की मदद करेंगे।
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यहां पांच मुख्य परियोजनाओं के साथ कुछ मुद्दे हैं जिनके लिए जिनपिंग की दो दिनी यात्रा में तैयारी की गई है। म्यांमार के अशांत पश्चिमी रखाइन प्रांत में 1.3 अरब डॉलर का बंदरगाह विकसित किया जाएगा। यह बंदरगाह बीजिंग के हिंद महासागर के प्रवेश द्वार के रूप में काम करेगा।
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चीनी ऋण जाल की आशंकाओं को कम करने के लिए म्यांमार 7.2 अरब डॉलर के बजाय सिर्फ 30 फीसदी खर्च ही उठाएगा। बंदरगाह के साथ ही धान के खेतों और सागौन के जंगलों का रूपांतरण वहां पर व्यापक औद्योगिक क्षेत्र खोलकर किया जाना है।
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रखाइन क्षेत्र में चार लाख नौकरियां पैदा करने की भी योजना है। यह बंदरगाह चीन-म्यांमार आर्थिक गलियारा (सीएमईसी) परियोजना का केंद्र बिंदु रहेगा। चीन इसी योजना के तहत यहां सड़क और रेल मार्ग का भी विकास करेगा।
गुस्से में आ सकती है जनता
म्यांमार के उत्तरी काचिन प्रांत में किसी भी निलंबित परियोजना को दोबारा शुरू करना क्षेत्र में बड़ा आक्रोश पैदा कर सकता है। लेकिन यह भी सच है कि यदि इसे यूं ही छोड़ दिया जाता है तो ये म्यांमार के लिए एक बड़ा हाथी साबित होगा। 2009 में उप राष्ट्रपति रहते हुए जिनपिंग ने एक बांध परियोजना पर दस्तखत किए थे, लेकिन यह परियोजना जनता के गुस्से के कारण 2011 से ही अधर में लटकी है।