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'फिर एक बार मोदी सरकार' कहकर पलटा चीनी मीडिया, बोला- कई मामलों में पिछड़ा इंडिया
Wed, 15 May 2019 03:18 PM IST
योगेश साहू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: योगेश साहू
Updated Wed, 15 May 2019 03:18 PM IST
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modi china xi
- फोटो : pti
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पिछले महीने के अंत में 'फिर एक बार मोदी सरकार' कहने वाले चीनी मीडिया ने अपनी इस बात से पलटी मार ली है। अब उसका दावा है कि भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के गठन के बाद से इंडिया कई मामलों में पिछड़ गया है।
दरअसल, चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिमी मीडिया का कहना है कि पिछले कुछ सालों में अर्थव्यवस्था के मामले में चीन और भारत के बीच अंतर काफी बढ़ गया है। मोदी सरकार में भारत की अर्थव्यवस्था बुरे हाल में है। यहां तक कि वित्त मंत्रालय के आर्थिक कामकाज विभाग की ताजा मासिक रिपोर्ट ने मजबूत अर्थव्यवस्था के दावों पर पानी फेर दिया है।
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दरअसल, चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिमी मीडिया का कहना है कि पिछले कुछ सालों में अर्थव्यवस्था के मामले में चीन और भारत के बीच अंतर काफी बढ़ गया है। मोदी सरकार में भारत की अर्थव्यवस्था बुरे हाल में है। यहां तक कि वित्त मंत्रालय के आर्थिक कामकाज विभाग की ताजा मासिक रिपोर्ट ने मजबूत अर्थव्यवस्था के दावों पर पानी फेर दिया है।
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इस रिपोर्ट में माना गया है कि कमजोर निजी निवेश, निजी खपत में उम्मीद से कम बढ़त और निर्यातों में ठहराव से वित्त वर्ष 2018-19 में भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार कमजोर हुई है। वहीं बेरोजगारी भी पिछले 45 सालों के मुकाबले में अपने चरम पर है। विश्वभर में भारत की साख गिरी है।
चीनी मीडिया ने दावा किया है कि उसका देश पड़ोसी मुल्क भारत से कई मामलों में बहुत आगे है। चीन को यह बढ़त पीएम मोदी के कार्यकाल के दौरान मिली है। साल 2018 में चीनी अर्थव्यवस्था का आकार 13.6 लाख करोड़ डॉलर का था, जबकि भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार 2.8 लाख करोड़ डॉलर का था। ग्लोबलट टाइम्स के मुताबिक, भारत इस अंतर को कम करना चाहता है तो उसे सलाना आर्थिक वृद्धि दर कई गुना बढ़ानी होगी। हालांकि यह संभव नहीं लगता है।
चीनी मीडिया ने दावा किया है कि उसका देश पड़ोसी मुल्क भारत से कई मामलों में बहुत आगे है। चीन को यह बढ़त पीएम मोदी के कार्यकाल के दौरान मिली है। साल 2018 में चीनी अर्थव्यवस्था का आकार 13.6 लाख करोड़ डॉलर का था, जबकि भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार 2.8 लाख करोड़ डॉलर का था। ग्लोबलट टाइम्स के मुताबिक, भारत इस अंतर को कम करना चाहता है तो उसे सलाना आर्थिक वृद्धि दर कई गुना बढ़ानी होगी। हालांकि यह संभव नहीं लगता है।
2014 में दोनों देशों की अर्थव्यवस्था के आकार में करीब 8.34 लाख करोड़ का अंतर था। लेकिन 2018 में यह बढ़कर 10.8 लाख करोड़ डॉलर हो गया। चीन के सरकारी अखबार ने भारत के जीडीपी पर भी संदेह जताया है। उसका कहना है पिछले 5 साल में 2014 से 2018 के बीच भारत की औसत जीडीपी 6.7 फीसदी से ज्यादा हो गई है, लेकिन इन आंकड़ों पर कई सांख्यिकी वजहों से संदेह किया जा रहा है। क्योंकि मौजूदा मोदी सरकार ने जीडीपी की गणना के तरीके और बेस ईयर को ही बदल दिया है।
बता दें, इससे पहले चीन के सरकारी मीडिया ने पिछले माह के अंत में दावा किया था कि भारत में लोकसभा चुनाव 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दोबारा भाजपा सत्ता में आएगी। भारतीय चुनावों में चल रहे प्रचार को चीन के मीडिया चैनल लगातार दिखा रहे थे। खासतौर पर मतदान के बाद मोदी की अंगुली दिखाती तस्वीरों ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। तब ग्लोबल टाइम्स ने ही दावा किया था कि मोदी के सियासी कद के आगे फिलहाल भारत में कोई नेता नहीं है। बीजेपी का संगठन विपक्ष से बेहतर है, इसलिए वापसी तय है।