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Report: आखिर क्यों चीन बार-बार भारतीय सीमा में कर रहा घुसपैठ की कोशिश, कहीं इसकी वजह कीड़ा जड़ी तो नहीं?

Sun, 25 Dec 2022 10:59 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 25 Dec 2022 10:59 PM IST
सार

कीड़ा जड़ी मुख्य रूप से भारतीय हिमालय और दक्षिण-पश्चिम चीन में किंघई-तिब्बती पठार के काफी ऊंचाई पर पाया जाता है। वैश्विक स्तर पर 2022 में कीड़ा जड़ी की बाजार में कीमत 1,072.50 मिलियन अमेरिकी डॉलर आंकी गई है।

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Chinese intruded into Indian territory to collect Cordyceps fungus Report
PLA Soldiers, Cordyceps Fungus - फोटो : social media

विस्तार

चीन ने कीड़ा जड़ी को इकट्ठा करने के लिए भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ के कई प्रयास किए। कीड़ा जड़ी को कैटरपिलर फंगस या हिमालयी सोना भी कहा जाता है। पड़ोसी देश में यह एक महंगी हर्बल दवा है। इंडो-पैसिफिक सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशंस (आईपीसीएससी) ने यह दावा किया है। 

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चीन कीड़ा जड़ी का सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक
आईपीसीएससी ने आरोप लगाया है कि कीड़ा जड़ी की तलाश में चीनी सैनिकों ने अवैध रूप से अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश किया। यह चीन में सोने से भी महंगा है। कीड़ा जड़ी मुख्य रूप से भारतीय हिमालय और दक्षिण-पश्चिम चीन में किंघई-तिब्बती पठार में काफी ऊंचाई पर पाया जाता है। वैश्विक स्तर पर 2022 में कीड़ा जड़ी की बाजार में कीमत 1,072.50 मिलियन अमेरिकी डॉलर आंकी गई है। चीन कीड़ा जड़ी का सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक है। 

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किंघई में कम हुआ कीड़ा जड़ी की फसल का उत्पादन
इसके मुताबिक, पिछले दो वर्षों में चीन के सबसे बड़े उत्पादक क्षेत्र किंघई में कीड़ा जड़ी की फसल कम हुई है। पिछले दिनों में इस अत्यधिक बेशकीमती दवा की मांग तेजी से बढ़ी है। चीन का मध्यम वर्ग वैज्ञानिक प्रमाणों की कमी के बावजूद किडनी विकारों से लेकर नपुंसकता तक की समस्या सबकुछ ठीक करने के लिए इसकी मांग करता है। 

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एक साल में 5.2 फीसदी उत्पादन में गिरावट
विशेषज्ञों का कहना है कि उच्च मांग और सीमित संसाधनों के कारण इसकी अत्यधिक कटाई हुई है। आईपीसीएससी के मुताबिक, ब्यूरो के आंकड़ो से पता चला कि 2018 में 41 हजार 200 किलोग्राम तक उत्पादन हुआ। इससे एक साल पहले 43 हजार 500 किलोग्राम तक उत्पादन हुआ था। यानी 5.2 फीसदी तक की गिरावट हुई। प्रांतीय मीडिया द्वारा साल 2010 और 2011 के लिए इसका उत्पादन 150,000 किलोग्राम रिपोर्ट किया गया था। 
 

कीड़ा जड़ी की बिक्री से लाखों युआन का भुगतान प्राप्त कर रहीं कंपनियां
किंघई में चीनी कीड़ा जड़ी (कॉर्डिसेप्स) कंपनियां हाल के वर्षों में स्थानीय लोगों से इसके लिए लाखों युआन का भुगतान प्राप्त कर रही है, ताकि सभी पहाड़ों पर इसकी कटाई को बंद किया जा सके। सर्वेक्षणों से पता चलता है कि कीड़ा जड़ी की वार्षिक फसल में गिरावट आई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अत्यधिक कटाई को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। 


 

कीड़ा जड़ी से तिब्बती पठार और हिमालय में अस्सी फीसदी तक घरेलू आय
आईपीसीएससी के मुताबिक, हिमालय के कुछ शहरों में लोग आजीविका के लिए कीड़ा जड़ी को इकट्ठा करने और बेचने का काम करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तिब्बती पठार और हिमालय में अस्सी फीसदी तक घरेलू आय कीड़ा जड़ी को बेचने से आती है।

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