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चीन बार-बार ये 'झूठ' क्यों बोलता है?

Wed, 04 Apr 2018 06:23 PM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Wed, 04 Apr 2018 06:23 PM IST
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Why does China repeatedly tell 'lie' about technology innovations
China bullet train
दावा: चीन ने हाई-स्पीड रेल, मोबाइल पेमेंट, ई-कॉमर्स और बाइक शेयरिंग का आविष्कार किया।
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रियलिटी चेक वर्डिक्ट (सच्चाई): चीन ने इनमें से किसी टेक्नॉलजी का आविष्कार नहीं किया। हां, ये जरूर है कि चीन ने इनका भरपूर इस्तेमाल किया और इन्हें दुनिया के हिस्सों तक इन्हें पहुंचाने में मदद की।

दरअसल चीन की सरकारी मीडिया में मई, 2017 से ये दावा बार-बार किया जाने लगा कि उनके देश ने इन चार क्रांतिकारी तकनीकों को जन्म दिया।

हाल ही में पोनी मा ने चीन की नेशनल पीपल्स कांग्रेस (एनपीसी) में इस दावे को एक बार फिर दोहराया। पोनी मा चीन के मशहूर इंटरनेट कंपनी टेन्सेंट के चीफ एक्जिक्यूटिव हैं। हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट के मुताबिक वो चीन के सबसे अमीर शख्स भी हैं।
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उन्होंने एनपीसी में पत्रकारों से कहा, "हमारे पास एक नई उपलब्धि है- न्यू फोर ग्रेट इन्वेंशन्स इन चाइना। हमने दुनिया को हाई-स्पीड रेलवे, ऑनलाइन शॉपिंग, मोबाइल पेमेंट और शेयरिंग बाइक्स दीं।"
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लेकिन सच तो ये है कि इन तकनीकों का जन्म चीन में नहीं हुआ। ये कई दशकों पहले ही दुनिया में आ चुकी थीं।

ये दावा आया कहां से?

ऐसा लगता है कि इन गलत दावों की शुरुआत मई, 2017 में बीजिंग फॉरेन स्टडीज यूनिवर्सिटी के सर्वे से हुई। इस सर्वे में 20 देशों के युवाओं से पूछा गया था कि वो कौन सी तकनीकें हैं जो वो चीन से वापस अपने देश में लाना चाहेंगे।

सर्वे के जवाब में हाई स्पीड रेल, मोबाइल पेमेंट, बाइक शेयरिंग और ई-कॉमर्स टॉप पर थे। बस इसके बाद से ही चीनी मीडिया और अधिकारी इन्हें आधुनिक वक्त के 'चार नए अहम आविष्कार' कहकर प्रचारित करने लगे।

तो इन चार तकनीकों का आविष्कार कहां हुआ?

Why does China repeatedly tell 'lie' about technology innovations
हाई-स्पीड रेल

हाई-स्पीड रेल की कोई तय परिभाषा नहीं है। यूरोपीयन यूनियन के मुताबिक नए रेलवे ट्रैक पर कम से कम 250 किलोमीटर/घंटा रफ्तार से चलने वाली ट्रेन को हाई-स्पीड ट्रेन कहा जा सकता है। वर्ल्डवाइड रेल ऑर्गनाइजेशन के अनुसार पहली हाई-स्पीड ट्रेन सेवा 1964 में जापान में शरू हुई थी।

इससे पहले 1955 में फ्रांस में एक ट्रेन 331 किलोमीटर/घंटे की रफ्तार से गंतव्य पर पहुंची थी। हालांकि सबसे पहले टोक्यो से ओसाका रेलमार्ग पर ट्रेनें नियमित रूप से 201 किलोमीटर/घंटे की रफ्तार से चलने लगी थीं। वहीं, चीन ने पहली हाई-स्पीड रेल लाइन 2008 में शुरू की, ओलंपिक गेम्स से ठीक पहले।

मोबाइल पेमेंट

सबसे पहले मोबाइल डिवाइस के जरिए पेमेंट 1997 में फिनलैंड में हुआ था। हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि मोबाइल पेमेंट टेक्नॉलजी की शुरुआत 2014 में 'ऐपल पे' के जरिए हुई।

ई-कॉमर्स

इंग्लैंड के माइकल एल्ड्रिच को 1979 में ऑनलाइन शॉपिंग के कॉन्सेप्ट की शुरुआत का श्रेय दिया जाता है। हालांकि ई-कॉमर्स 1990 में तब लोकप्रिय हुआ जब अमेजन और ईबे ने 1995 में अपनी वेबसाइट्स लॉन्च कीं।

बाइक शेयरिंग

बाइक शेयरिंग की शुरुआत 'वाइट बाइसकिल प्लान' नाम से हुई। इसकी शुरुआत 1960 में एमस्टर्डम में हुई। हालांकि मोबाइक और ओफो जैसी चीनी कंपनियां बाइक शेयरिंग के लिए एक नए तरीके का इस्तेमाल करती हैं जिसमें यूजर अपने स्मार्टफोन से बाइक्स की लोकेशन का पता लगा सकते हैं और राइड के बाद उन्हें कहीं भी ड्रॉप कर सकते हैं।

चीन ग़लत दावों को बार-बार क्यों पेश करता है?

चीन साल 2020 तक खुद को एक 'इनोवेशन नेशन' घोषित करना चाहता है। शायद यही वजह है कि वो तकनीक के बढ़ावे पर जोर देता रहता है।

बीते वक्त में चीन को कागज बनाने, गन पाउडर, प्रिंटिंग और कंपास के लिए 'चार नए आविष्कारों का जनक' कहा जाता था। जाहिर है कि चीन इस पुराने गौरव को वापस पाने के लिए हर तरह की कोशिशें कर रहा है।
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