चीन के इकलौते लोकतांत्रिक गांव में पुलिस ने बरपाया कहर, 70 हिरासत में
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चीन के इकलौते लोकतांत्रिक गांव वुकान में सुरक्षा बलों ने जमकर कहर बरपाया है। मंगलवार को चीनी पुलिस और वुकान गांव के निवासियों के बीच जमकर संघर्ष हुआ। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की और आंसू गैस के गोले दागे। इसमें काफी संख्या में ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने स्कूल छात्रों समेत करीब 70 लोगों को हिरासत में भी लिया है।
इसके अलावा पुलिस घरों में बुधवार सुबह से छापेमारी कर रही है और लोगों पर कहर बरपा रही है। खासकर प्रदर्शनकारी और पत्रकार पुलिस के निशाने पर हैं। चीन के गुआंगडोंग प्रांत के वुकान गांव में पुलिस की दमनकारी कार्रवाई के बाद से सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीण चेन ने बताया कि पुलिस की बर्बर कार्रवाई को लेकर ज्यादातर लोग बुरी तरह से भयभीत हैं। फिलहाल गांव में पुलिस का कहर जारी है।
उन्होंने बताया कि पुलिस लोगों के घरों में छापेमारी कर रही है और उनकी पिटाई कर रही है। खासकर प्रदर्शनकारी और पत्रकार की खोजबीन के लिए बुधवार सुबह से ही छापेमारी की जा रही है। सुरक्षा बलों ने गांव को पूरी तरह से घेर रखा है। वहीं, हांगकांग के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने मंगलवार की हिंसा के बाद से वुकान गांव में लोगों पर अत्याचार को लेकर चिंता जताई है।
अंतर्राष्ट्रीय सुर्खियों में रह चुका है यह गांव
2011 में वुकान गांव उस समय अंतर्राष्ट्रीय सुर्खियों में आया था, जब अधिकारियों की ओर से जमीन हथियाने के खिलाफ स्थानीय लोगों ने आंदोलन किया। स्थानीय जनता के विरोध के सामने अधिकारियों को झुकना पड़ा और जमीन वापस करनी पड़ी। साथ ही स्थानीय चुनाव लोकतांत्रिक रूप से कराने की अनुमति देनी पड़ी। यह चीन का ऐसा गांव हैं, जहां हकीकत में लोकतंत्र देखने को मिलता है।
प्रदर्शनकारियों के सिर पर रखा इनाम
चीनी पुलिस ने पांच प्रदर्शनकारियों के सिर पर 15 हजार डॉलर का इनाम रखा है। इससे पहले वुकान गांव के प्रधान लिन जुलुआन को इसी महीने भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों में तीन साल के लिए जेल भेज दिया गया है। वह 2011 के आंदोलन के नेता भी रहे। वहीं, लेजिस्लेटर क्वोक का-की ने चेतावनी दी है कि हांगकांग के लोग इस दमन के खिलाफ शांत नहीं रहेंगे। हांगकांग के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने एकजुटता दिखाने के लिए बीजिंग में मार्च निकाला।