फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   China ›   Prime minister narendra modi in BRICS 2017 summit at china XIAMEN

आतंकवाद पर भारत की बड़ी जीत, पहली बार ब्रिक्स घोषणापत्र में पाक आतंकी संगठनों का नाम शामिल

Mon, 04 Sep 2017 05:15 PM IST
amarujala.com- presented by: मनीष कुमार
amarujala.com- presented by: मनीष कुमार Updated Mon, 04 Sep 2017 05:15 PM IST
विज्ञापन
Prime minister narendra modi in BRICS 2017 summit at china XIAMEN
ब्रिक्स समिट-2017 - फोटो : ap

डोकलाम विवाद के बाद ब्रिक्स समिट में भारत को एक बड़ी कूटनीतिक जीत हासिल हुई है, समिट के घोषणापत्र में चीन के विरोध के बाद भी आतंकवाद का मुद्दा शामिल किया गया। जिसमें पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों लश्कर ए तैयबा और जैश ए मोहम्मद का नाम लेकर उनकी निंदा की गई।

विज्ञापन


वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स के बिजनेस काउंसिल की बैठक में भाग लिया। इस दौरान पीएम ने कहा कि जीएसटी भारत की सबसे बड़ी आर्थिक सुधार वाली नीति है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसे कार्यक्रम भारत के आर्थिक परिदृश्य को बदल रहे हैं। ये कार्यक्रम भारत को एक ज्ञान आधारित-स्किल और टेक्नलॉजी के जरिए समाज में बदलाव कर रहे हैं।
विज्ञापन



साफ था कि आतंकवाद के मुद्दे पर भारत दुनिया के सामने अपना पक्ष रखने में सफल रहा। घोषणापत्र में इस बात का भी जिक्र किया गया कि आतंक के खिलाफ दुनिया के सभी देशों को मिल जुलकर लड़ना होगा, और यह जिम्मेदारी किसी एक देश की नहीं सभी देशों की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे पूर्व चीन के राष्ट्रपति ने भारत पर दबाव बनाने का प्रयास किया था कि वह आतंकवाद का मुद्दा ब्रिक्स सम्मेलन में न उठाए, लेकिन भारत के आगे उसकी एक न चली। पीएम मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर अपना रुख यह कहकर पूरी तरह स्पष्ट कर दिया था कि शांति के लिए सहयोग जरूरी है और यह आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर ही हासिल हो सकता है। 

घोषणापत्र में निम्न मुद्दे शामिल किए गए-

-तकनीक का इस्तेमाल आतंकवाद से निपटने के लिए किया जाए।
-ब्रिक्स के घोषणापत्र में आतंकवाद का मुद्दा शामिल किया गया।
-घोषणापत्र में पाक के आतंकी संगठनों लश्कर ए तैयबा और जैश ए मोहम्मद की निंदा की गई।

-लश्कर और जैश के अलावा तहरीक ए तालिबान और हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकी संगठनों की भी चर्चा की गई।
-मांग की गई कि आतंकवद का साथ देने वाले बेनकाब हों, बाकी देशों को इस मुद्दे पर साथ देने की अपील की गई।
-आतंक की फंडिंग पर भी चोट करने की मांग की गई।
 

   


इससे पूर्व मोदी ने सभी देशों को संदेश देते हुए साफ किया कि सुरक्षा का मुद्दा बेहद अहम है और सभी देशों को शांति के लिए सहयोग करना होगा। हमारा देश युवाओं का देश है, हमने काले धन के खिलाफ लड़ाई छेड़ी और वो अभी भी जारी है। पीएम मोदी ने भारत का लक्ष्य विकास को अहमियत देना बताया। उन्होंने ये भी कहा कि स्मार्ट सिटी, स्वास्‍थ्य, शिक्षा में सुधार पर जोर देना है।
 

 


पढ़ें: BRICS समिट: PM मोदी के पहुंचते ही नरम पड़ा चीन, बोला- आतंकवाद का होगा खात्मा

इस समिट की शुरूआत रविवार शाम हो गई थी, लेकिन पीएम मोदी ने सोमवार को अपना भाषण दिया। पीएम मोदी ने अपने भाषण में हर बार की तरह इस बार भी शांति की अपील की। इससे पहले शी जिनपिंग ने भी अपने भाषण में आपसी सहयोग की बात कही थी।

शी जिनपिंन ने भी सहयोगी की अपील की

Prime minister narendra modi in BRICS 2017 summit at china XIAMEN

पीएम मोदी से पहले चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी आपसी सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें शांति एवं विकास के लिए मिलकर आवाज उठानी होगी।
 


दुनिया में कई ऐसे मुद्दे चल रहे हैं, जिन्हें आपसी सहयोग के बिना निपटाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व को पांचों देश से उम्मीद है कि हम ग्लोबल गवर्नेस में अहम भूमिका निभाएंगे। 
 
जिनपिंग ने यह भी ऐला किया कि बिजनेस कॉर्पोरेशन और बैंकों के सतत विकास के लिए चीन 4 मिलियन यूएस डॉलर की मदद करेगा।


ब्रिक्स की बुनियाद
सबसे पहले गोल्डमैन सैश के एक अर्थशास्त्री ने 2001 में पश्चिमी देशों को चुनौती देने की क्षमता रखने वाले ब्राजील, रूस, भारत और चीन की उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं के लिए ब्रिक्स शब्द का इस्तेमाल किया। इन चार देशों ने 2009 में रूस में पहला शिखर सम्मेलन आयोजित किया। 2010 में दक्षिण अफ्रीका के जुड़ने से इसके सदस्य देशों की संख्या पांच हो गई। इन देशों में दुनिया की 40 फीसदी से ज्यादा आबादी रहती है, जबिक विश्व अर्थव्यवस्था में इसकी हिस्सेदारी 22 फीसदी है। इन देशों की औसत आर्थिक वृद्धि दर वैश्विक औसत से ज्यादा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed