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PM मोदी कल पहुंचेंगे चीन, लंबे समय के लिए दोस्ती पर हैं निगाहें, जिनपिंग से करेंगे मुलाकात

एजेंसी, बीजिंग  Updated Thu, 26 Apr 2018 07:50 AM IST
पीएम मोदी, शी जिनपिंग
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भारत और चीन के रिश्ते आने वाले सालों में कैसे रहेंगे, इसका खाका खींचने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को चीन जा रहे हैं। पिछले साल दोकलाम में युद्ध के शुरुआती दौर तक पहुंच जाने वाले भारत-चीन के संबंधों में आए इस बदलाव से दोनों देशों के बीच एक नई शुरुआत की बयार बहती दिखाई दे रही है। चीन ने पीएम मोदी के लिए किस तरह रेड कारपेट बिछाया है, इसका अंदाजा पहली बार सभी प्रोटोकॉल तोड़कर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के किसी देश के प्रमुख के साथ बीजिंग से बाहर द्विपक्षीय वार्ता करने से लगाया जा सकता है। माना जा रहा है कि ये अनौपचारिक शिखर वार्ता दोनों देशों के आगामी एक सदी तक के संबंधों को तय करने की नींव का पत्थर साबित हो सकती है। 
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चीनी मीडिया की भी नजरें प्रधानमंत्री मोदी के दौरे पर टिकी हुई हैं। वहां का मीडिया इस दौरे से जुड़ी खबरों को अपने पहले पेज पर तवज्जो दे रहा है और इसकी तुलना पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के वर्ष 1988 के दौरे से की जा रही है। साल 1988 में राजीव गांधी की मेजबानी करने वाले पूर्व नेता देंग जिआयोपिंग के अनुवादक रह चुके गाओ झिकाई ने कहा, साल 1988 में राजीव गांधी की यात्रा ने दोनों देशों के बीच रिश्तों पर जमी बर्फ को तोड़ा था तो प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस शिखर वार्ता से भारत और चीन के बीच दोस्ती काफी मजबूत होगी।

वार्ता का केंद्र रहेंगे आपसी विवाद

माना जा रहा है कि एक-दूसरे के बीच विश्वास की स्थिति बहाल करने के लिए दोनों देशों के शीर्ष नेता आपसी विवादों पर प्रमुखता से चर्चा करेंगे। इनमें सबसे अहम दोनों देशों के बीच 3488 किलोमीटर लंबी सीमा पर चल रहे विवादों को सुलझाने की दिशा में सहमति बनाने की कोशिश होगी। चीनी राष्ट्रपति अपने ड्रीम प्रोजेक्ट ‘वन बेल्ट, वन रोड’ पर भारतीय विरोध के संबंध में बात कर सकते हैं, जबकि भारत की तरफ से पाकिस्तान से फैलाए जा रहे आतंक पर चीन के कारण कार्रवाई में होने वाली अड़चन का मुद्दा उठाया जा सकता है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को बढ़ाने पर भी प्रमुखता से चर्चा होने की उम्मीद है। अमेरिका के साथ चीन की ट्रेड वार का मुद्दा भी दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की वार्ता में उठ सकता है।

चीन मान रहा कि जारी रहेगा पीएम मोदी का दौर

चीन की तरफ से प्रधानमंत्री मोदी को दी जा रही तवज्जो को देखते हुए ये माना जा रहा है कि चीन उन्हें आगे भी भारतीय प्रधानमंत्री के तौर पर बरकरार मान रहा है। भारतीय मामलों से जुड़े चीन के उप विदेश मंत्री कोंग शुआनयू ने भी यह संकेत दिया है कि भारत में 2019 में आम चुनाव हैं, लेकिन चीन को लगता है कि 2019 के बाद भी नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बने रहेंगे। इसी कारण चीन इस रिश्ते को इतना महत्व दे रहा है।

क्यों चुना गया वुहान को 

वुहान चीन का एक प्रसिद्ध शहर है जहां यागत्से नदी बहती है और यहां तीन बांध भी हैं। इसका चयन काफी सोच-समझ कर किया गया है। कोंग ने बताया, मोदी उत्तर में बीजिंग जा चुके हैं, दक्षिण में शंघाई, पश्चिम में शियान और पूर्व में शियामेन भी जा चुके हैं। लेकिन वह कभी भी चीन के मध्य में नहीं गए हैं। इसलिए इस बार उन्हें मध्य में स्थित वुहान शहर में आमंत्रित किया गया है।

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