PM मोदी से मिलने के बाद जिनपिंग बोले- गंगा-यांगजी नदियों की तरह बढ़ती रहे भारत-चीन की दोस्ती
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय चीन यात्रा में अनौपचारिक शिखर वार्ता के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि इससे द्विपक्षीय संबंधों के नए अध्याय खुले हैं। शुक्रवार को दोनों शीर्ष नेताओं ने कई दौर की बातचीत में भारत-चीन के संबंधों को मजबूत करने और अपने लोगों के साथ ही दुनिया को फायदा पहुंचाने के लिए साथ काम करने जैसे मुद्दों पर विचार साझा किए।
दोनों शीर्ष नेताओं और दोनों पक्षों के छह-छह अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत के दौरान जिनपिंग ने जोर दिया कि दोनों देशों को रणनीति पहलू से आपसी संबंधों को देखते हुए सुनिश्चित करना चाहिए कि द्विपक्षीय संबंध सकारात्मक दिशा बढ़ते रहें।
उन्होंने कहा, ‘जैसे चीन की यांगजी नदी और भारत की गंगा नदी हमेशा से आगे बढ़ रही हैं, वैसे ही दोनों देशों की दोस्ती भी लगातार बढ़ती रहनी चाहिए। दोनों देशों ने संबंधों को पिछले पांच साल में मजबूत किया है। साथ ही सहयोग के मामले में सकारात्मक प्रगति की है।’
म्यूजियम में हुआ मोदी का भव्य स्वागत
वैश्विक मुद्दों पर बात करते हुए जिनपिंग ने कहा कि दोनों देशों की मित्रता अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थायित्व के लिए अहम है। उनका यह बयान ऐसे समय है, जब अमेरिका समेत कई देशों ने आर्थिक मामलों को लेकर सुरक्षात्मक मानक लागू कर दिए हैं। हाल में अमेरिका ने चीन के एल्युमिनियम और स्टील उत्पादों पर भारी-भरकम आयात शुल्क लगाने की घोषणा की है।
भारत ने कहा कि इस तरह के कदमों को खारिज किया जाना चाहिए। भारत ने ज्यादा खुले, समग्र और बराबरी वाले आर्थिक वैश्वीकरण की वकालत की। दोनों शीर्ष नेताओं के बीच 2014 में अनौपचारिक बातचीत की शुरुआत हुई थी। तब पीएम मोदी ने गुजरात के साबरमती आश्रम में जिनपिंग का स्वागत किया था। इसके बाद दर्जनों अंतरराष्ट्रीय बैठकों के दौरान दोनों की मुलाकात हो चुकी है।
कार्यक्रमों में दिखी एक संस्कृति की झलक
जिनपिंग ने मोदी को दिखाई प्रदर्शनी
एक-दूसरे के साथ समय बिताने के दौरान राष्ट्रपति जिनपिंग ने मोदी को हुबेई म्यूजियम में जेंग संस्कृति के अवशेषों और खजानों से जुड़ी मार्किस यी की प्रदर्शनी दिखाई। म्यूजियम में बड़ी संख्या में चीन के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक अवशेषों को संजोया गया है।