फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   China ›   Pakistan is sinking into debt, Chinese media seek to save him

दिवालिया होने की कगार पर पाकिस्तान, चिंता में डूबा चीन

Wed, 22 Feb 2017 02:06 PM IST
एजेंसी/बीजिंग
एजेंसी/बीजिंग Updated Wed, 22 Feb 2017 02:06 PM IST
विज्ञापन
Pakistan is sinking into debt, Chinese media seek to save him

पाकिस्तान पर बढ़ते कर्ज ने चीन की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी मीडिया ने कहा है कि चीन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पाक में बढ़ते राजकोषीय घाटे से कोई बड़ा वित्तीय संकट पैदा न हो। दरअसल चीन ने पाकिस्तान में भारी भरकम निवेश कर रखा है।

विज्ञापन


खासतौर से पीओके के रास्ते गुजर रहे आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) में ही चीन ने 46 अरब डॉलर का निवेश किया है। सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने कहा, ‘वैसे तो पाकिस्तान एक तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है और उसने दुनिया भर के निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित किया है।
विज्ञापन


लेकिन बढ़ते सार्वजनिक ऋण और राजकोषीय घाटे से अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। ऐसे में पाकिस्तान के कर्ज चुकाने की क्षमता को लेकर संदेह भी पैदा हो गया है।’

विज्ञापन
विज्ञापन

पाकिस्तान से जुड़ा है चीन हित

Pakistan is sinking into debt, Chinese media seek to save him

​चीनी मीडिया के मुताबिक, ‘चीन-पाक आर्थिक गलियारे के तहत बड़े पैमाने पर किए गए निवेश के कारण अब चीन का भी हित जुड़ा हुआ है।

ऐसे में चीन को सुनिश्चित करना चाहिए कि पाक बड़े वित्तीय संकट में न घिरे। चीन को पाकिस्तान का सहयोग करना चाहिए जिससे जिन परियोजनाओं में चीन ने निवेश किया है वे सतत विकास का लक्ष्य हासिल कर सकें।

साथ ही पाकिस्तान अपने घाटे के स्तर को भी समायोजित कर सके।’ चीनी अखबार में पाकिस्तान की आलोचना कम ही देखने को मिलती है क्योंकि वह दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों का हिमायती है।

मंगोलिया में पैदा हुए थे ऐसे ही हालात

Pakistan is sinking into debt, Chinese media seek to save him
मंगोलिया फ्लैग

चीनी मीडिया ने कहा है कि मंगोलिया में ऐसे ही हालात पैदा हुए थे जब पिछले साल वित्तीय घाटा बढ़कर जीडीपी का 15 फीसदी हो गया था। ऐसे में देश के लिए विदेशी कर्जों को चुका पाना काफी मुश्किल हो गया।

पाक मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि देश का राजकोषीय घाटा 2016-17 की पहली छमाही में बढ़कर जीडीपी का 2.4 फीसदी हो गया है। यह पिछले चार वर्षों में सबसे ज्यादा है।

पाक सरकार राजकोषीय घाटा 2016-17 की अवधि के दौरान 3.8 फीसदी से कम रखना चाहती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed