चीनी मीडिया: नोटबंदी का पीएम मोदी का फैसला 'जुए' जैसा
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कालेधन पर लगाम कसने के लिए 8 नवंबर को लिए गए पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने नोटबंदी के फैसले को साहसिक बताते हुए लिखा कि अगर चीन में 50 और 100 युआन के नोट बंद कर दिया जाए तो चीन में इसका असर क्या होगा हम सोच नहीं सकते।
अखबार ने संपादकीय में प्रधानमंत्री मोदी के निर्णय को एक जुआ बताते हुए लिखा कि भारत में 90 प्रतिशत से ज्यादा लेन-देन नकद में होता है। ऐसे में वहां की 85 फीसदी करेंसी को चलन से बाहर करने से लोगों को रोजमर्रा के जीवन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अखबार ने संपादकीय में आगे लिखा, 'भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में इस तरह के साहसिक निर्णय लेने के लिए जगह बहुत कम है। मोदी सफल हों या विफल, लेकिन इस तरह का फैसला एक मिसाल कायम करेगा। सुधार लाने में हमेशा दिक्कत होती है और इसके लिए साहस की जरूर होती है।'
'नोटबंदी का फैसला बेहतर इरादे से लिया है'
अखबार के मुताबिक, 'प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी का फैसला बेहतर इरादे से लिया है पर कितना सफल रहेगा यह व्यवस्था की कार्यकुशलता और समाज के सहयोग पर निर्भर करता है। समय के साथ-साथ लोग मोदी सरकार की नोटबंदी प्रक्रिया को कंट्रोल करने की क्षमता से निराश हो रहे हैं।'
अखबार ने चीन के सुधारों का जिक्र करते हुए लिखा कि चीन में पिछले 40 सालों से सुधार हो रहा है। इसमें कई उतार चढ़ाव भी आए, लेकिन काफी हद तक स्थिरता बनी रही। ग्लोबल टाइम्स अखबार के अनुसार सुधारों की सफलता जनता के व्यापक समर्थन से ही संभव है।