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भारत-चीन संबंधों पर डोकलाम का असर, नहीं हुई बॉर्डर पर्सनल मीटिंग
टीम डिजिटल, अमर उजाला
Updated Mon, 02 Oct 2017 09:34 AM IST
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भारतीय और चीनी सेना डोकलाम के भूटानी क्षेत्र में कूटनीतिक विमर्श के बाद एक दूसरे का विरोध कम कर सकती है। आपको बता दें कि दोनों ही सेनाओं ने चीन के 68वें नेशनल डे पर हर साल होने वाली पारंपरिक बॉर्डर पर्सनल मीटिंग में हिस्सा नहीं लिया था। यह मीटिंग पांच नामित स्थानों पर होने वाली थी।
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सूत्रों के मुताबिक रविवार को पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने औपचारिक मीटिंग का न्यौता नहीं दिया था सूत्रों से यह भी जानकारी मिली कि इस महीने चीन में भारतीय सेना और पीएलए के बीच होने वाली हैंड इन हैंड एक्सरसाइज भी नहीं हुई। अब इस साल इसके होने की संभावना नहीं है।
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दोनों सेनाओं ने सिक्कम-भूटान-तिब्बत ट्राइजंक्शन पर सेना का लेवल बढ़ा दिया है। यह डोकलाम विवाद के बाद दोनों देशों की सेनाओं के पीछे हटने के बाद लिया गया फैसला है।आपको बता दें कि चीन में शी जिनपिंग दूसरी बार राष्ट्रपति बन सकते हैं।
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उसके बाद देखना होगा कि आगे की रणनीति में क्या बदलाव आता है। आपको बता दें कि हर साल 7 से 8 समारोह ऐसे होते हैं जिनमें दोनों देशों की सेनाएं अलग अलग BPM प्वांइट्स पर मिलती हैं, जिसमें भाषण, सांस्कृतिक प्रदर्शन और गिफ्टों का आदान-प्रदान होता है। लेकिन चीन ने हैंड टू हैंड एक्सरसाइज को नजरअंदाज करके नए सवाल खड़े कर दिये हैं।