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चीन के मीडिया ने खेला एनएसजी पर खेल, कहा भारत-पाकिस्तान की साथ हो एंट्री
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 21 Jun 2016 03:33 PM IST
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चीन के मीडिया ने खेला एनएसजी पर खेल
- फोटो : Agency
चीन के मीडिया ने एक बार फिर नया शिगूफा छोड़ दिया है। भारत की तरफ से न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप में शामिल होने की कोशिशों के बीच चीनी मीडिया ने कहा कि भारत-पाकिस्तान को साथ-साथ एनएसजी में सदस्यता के लिए प्रयास करना चाहिए ना कि सिर्फ नई दिल्ली को अकेले ही इसके लिए प्रयास करना चाहिए। एक दिन पहले ही बीजिंग ने न्यूक्लियर ट्रेडिंग क्लब में भारत के शामिल होने के खिलाफ आवाज उठाई थी।
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आपको बताते चले कि चीन पहले भी भारत के एनएसजी देशों के समूह में शामिल होने के खिलाफ आवाज उठाता रहा है। चीन का कहना है कि भारत नॉन-प्रॉफिलरेशन ट्रीटी(एनपीटी) में शामिल हुए बगैर एनएसएजी देशों की सदस्यता नहीं ले सकता है। चीन के सियोल में होने वाली दो दिवसीय वार्षिक बैठक में यह बैठक उठ सकता है। इस बैठक में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। बैठक के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात प्रस्तावित है। यह बैठक 23-24 जून को हो सकती है।
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वहीं चीन के विदेशी मंत्रालय के प्रवक्ता हुवा चुनयिंग ने कहा कि सियोल में होने वाली बैठक में इस तरह के किसी भी मुद्दे पर चर्चा नहीं होगी। हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक अन्य देशों के डिप्लोमेट ने एनएसजी में भारत की सदस्यता और योग्यता का मुद्दा उठाएंगे।
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अधिकारिक तौर पर चीन पाकिस्तान की एनएसजी में इंट्री का मुद्दा नहीं उठाएगा
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- फोटो : india-china
वहीं अधिकारिक तौर पर चीन पाकिस्तान की एनएसजी में इंट्री का मुद्दा नहीं उठाएगा। चीन के थिंक टैंक और विशेषज्ञों ने इस बारें में सबकुछ पहले ही साफ कर दिया। ग्लोबल टाइम्स समाचार पत्र में चीन की नॉर्मल यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर इंडियन स्टडीज विभाग के निदेशक लांग जिंगचुन ने बताया कि जहां भारत एक तरफ लगातार एनएसजी देशों में शामिल होने के लिए उत्सकुता दिखा रहा है, वहीं पाकिस्तान का पुराना रिकॉर्ड उसे एनएनसजी देशों में शामिल होने से दूर करता जा रहा है। पाकिस्तान के पूर्व मुख्य न्यूक्लियर वैज्ञानिक अब्दुल कादिर खान ने जो काम किया था वो पाकिस्तान सरकार की नीतियों के खिलाफ था। पर फिर भी उसका खमियाजा पाकिस्तान को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने पाकिस्तान के बचाव में कहा कि अगर एनपीटी और एनएसजी में भारत को छूट दी जाती है तो यह पाकिस्तान के साथ भी होना चाहिए। लांग जिंगचुन ने कहा कि भारत को एनएसजी की सदस्यता देना और पाकिस्तान को सदस्यता न देने से भारत की समस्या सुलझ जाएगी पर दूसरी बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत अगर पाकिस्तान के साथ एनएसजी के लिए आवेदन करता है तो यह ज्यादा बढ़िया विकल्प है।
उन्होंने पाकिस्तान के बचाव में कहा कि अगर एनपीटी और एनएसजी में भारत को छूट दी जाती है तो यह पाकिस्तान के साथ भी होना चाहिए। लांग जिंगचुन ने कहा कि भारत को एनएसजी की सदस्यता देना और पाकिस्तान को सदस्यता न देने से भारत की समस्या सुलझ जाएगी पर दूसरी बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत अगर पाकिस्तान के साथ एनएसजी के लिए आवेदन करता है तो यह ज्यादा बढ़िया विकल्प है।