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भारत की एनएसजी सदस्यता पर चीन ने दिया झटका

Tue, 21 Jun 2016 06:09 AM IST
एजेंसी/ बीजिंग
एजेंसी/ बीजिंग Updated Tue, 21 Jun 2016 06:09 AM IST
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सियोल में सोमवार से शुरू हुई परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) 48 देशों की समग्र बैठक में भारत की एनएसजी सदस्यता की दिशा में हो रही प्रगति को झटका लगा है। चीन ने कहा है कि बैठक के एजेंडे में भारत की सदस्यता का मुद्दा शामिल नहीं है।

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गौरतलब है कि रविवार को ही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा था कि चीन एनएसजी में भारत के प्रवेश का विरोध नहीं कर रहा है। 24 जून को सियोल में एनएसजी के सदस्य देशों की अहम बैठक है।
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चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनइंग ने कहा, ‘हमने इस बात पर बल दिया है कि एनएसजी गैर-एनपीटी (परमाणु अप्रसार संधि) देशों के प्रवेश को लेकर अब भी बंटा हुआ है। मौजूदा परिस्थितियों में हम आशा करते हैं कि एनएसजी सलाह-मशविरे पर आधारित फैसला करने के लिए विस्तृत चर्चा करेगा।’
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विदेश सचिव एस जयशंकर के 16-17 जून के चीन दौरे और सुषमा स्वराज के बयान के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए हुआ ने कहा कि 24 जून सियोल में होने वाली एनएसजी की प्रमुख बैठक के एजेंडे में भारत को इस 48 सदस्यों वाले प्रतिष्ठित क्लब में शामिल करने का मसला शामिल नहीं है।

हुआ ने कहा, ‘इस साल सियोल में चल रहे एनएसजी के सालाना सम्मेलन में भी ऐसा कोई मसला नहीं है। हम समझते हैं कि गैर-एनपीटी देश एनएसजी में अपने प्रवेश को लेकर फिक्रमंद हैं। लेकिन, चूंकि एनएसजी इस मसले पर बंटा हुआ है इसलिए सियोल में चल रहे सालाना सम्मेलन में प्रवेश के मसले पर चर्चा करना उचित नहीं होगा।’

उन्होंने कहा, ‘मैं यहां उल्लेख करना चाहती हूं कि एनएसजी के एजेंडे में गैर-एनपीटी देशों के एनएसजी में शामिल होने का मसला कभी शामिल नहीं रहा।’

एनएसजी की प्रमुख बैठक से पहले मिलेंगे पीएम और जिनपिंग
एनएसजी की प्रमुख बैठक 24 को होने वाली है। इससे एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ताशकंद में होने वाली शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक के लिए रवाना होंगे। एससीओ की इस बैठक में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी शामिल हो रहे हैं।

मोदी यहां शी जिनपिंग से मिल सकते हैं और उम्मीद की जा रही है कि वह भारत की एनएसजी सदस्यता का मुद्दा उठाएंगे। लेकिन, जिनपिंग के साथ होने वाली चर्चा से एनएसजी सदस्यता की बाधा दूर होती है या नहीं, यह देखा जाना है।

सुषमा ने कहा था चीन नहीं कर रहा विरोध

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शनिवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा था कि भारत को पूरा भरोसा है कि उसे इस साल एनएसजी की सदस्यता मिल जाएगी। उन्होंने कहा था, ‘एनएसजी में भारत की सदस्यता का चीन विरोध नहीं कर रहा है। वह केवल कायदे और प्रक्रिया की बात कर रहा है। मुझे उम्मीद है कि हम एनएसजी की सदस्यता के समर्थन के लिए चीन को मना लेंगे।’ उन्होंने कहा था कि इस संदर्भ में सर्वसम्मति बन चुकी है और उन्हें पूरा भरोसा है कि भारत इस साल एनएसजी का सदस्य बन जाएगा।

गैर-एनपीटी देशों के एनएसजी में प्रवेश पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए : चीन
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ ने कहा, ‘चीन अपने इस रुख पर बरकरार है कि गैर-एनपीटी देशों की एनएसजी सदस्यता के लिए विस्तृत चर्चा होनी चाहिए और सभी पक्ष एकमत होने चाहिए। ताकि, सर्वसम्मति के आधार पर निर्णय लिया जा सके।’

चीन ने कहा, भारत की परमाणु ऊर्जा जरूरतों को समझते हैं
विदेश सचिव जयशंकर के चीन दौरे के बारे में चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा कि साझा हितों और द्विपक्षीय रिश्तों पर उनसे बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने भी उनसे मुलाकात की।

हुआ ने कहा, ‘यात्रा के दौरान भारत के विदेश सचिव ने एनएसजी में भारत के शामिल होने की उम्मीद जाहिर की क्योंकि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए भारत को बड़े पैमान पर परमाणु ऊर्जा की जरूरत है।’ हुआ के अनुसार, ‘चीन ने कहा कि हम भारत की परमाणु ऊर्जा विकसित करने की जरूरतों को समझते हैं और यह भी कहा कि एनपीटी परमाणु अप्रसार व्यवस्था की आधारशिला है।’
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