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सिक्किम मसले पर 'लोगों को बेवकूफ' बना रहा है भारत: चीन
amarujala.com- Presented by: श्रवण शुक्ला
Updated Wed, 05 Jul 2017 04:23 PM IST
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भारत-चीन सीमा
- फोटो : PTI
चीन ने भारत पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। चीन ने कहा कि भारत डोकलम को ट्राई-जंक्शन का हिस्सा बता रहा है,जोकि गलत है। चीन ने कहा कि भारत डोकलम को लेकर जानबूझकर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है, जबकि डोकलम ट्राई जंक्शन का हिस्सा नहीं है। साथ ही चीन ने ये भी कहा है कि चीनी सैनिक जिस जगह सड़क बना रहे थे, वो माउंट गिप्मोची से 2000 मीटर दूर है। चीन ने भारत को धमकाते हुए सेना को हटाने पर जोर दिया है और कहा है कि भारतीय सैनिकों को वापस लौटना ही होगा।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा कि भारत डोकलम में सड़क निर्माण पर जबरन विवाद खड़ा कर रहा है। चीन का कहना है कि भारत ये कहकर लोगों को भ्रमित कर रहा है कि डोकलम में जो सड़क निर्माण कार्य चल रहा है, वो ट्राई-जंक्शन का हिस्सा है। इससे भारत को खतरा हो सकता है। ये बात सरासर गलत है। गेंग ने कहा कि भारत 1890 चीन-ब्रिटेन की संधि को नजरअंदाज करते हुए लोगों में भ्रम फैला रहा है। जबकि सच ये है कि चीनी 1890 की संधि के मुताबिक ही काम कर रहे हैं।
चीन ने भारत को नाथुला पास से सेना वापस बुलाने को कहा
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गेंग ने 1890 की संधि का हवाला देते हुए कहा कि सिक्किम सेक्टर की बाउंड्री सड़क निर्माण की जगह से 2 हजार मीटर दूर है। सिक्किम सेक्टर की सीमा माउंट गिप्मोची तक है।
गेंग ने तो यहां तक कह दिया कि ट्राई जंक्शन और भारत-भूटान-चीन का इस सड़क को लेकर विवाद ही नहीं होना था। क्योंकि सड़क निर्माण तो चीनी क्षेत्र में हो रहा था।
भारत को 1962 से बड़ा जख्म देने का समय, सिखाया जाए कड़ा सबक- चीनी मीडिया
गौरतलब है कि चीनी सैनिक भारतीय सीमा के पास निर्माण कार्य कर रहे थे, जिसे भारतीय सैनिकों ने रोक दिया। इस घटना के बाद से अबतक दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है और दोनों ही देशों के 3 हजार से अधिक सैनिक आमने-सामने हैं।
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चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा कि भारत डोकलम में सड़क निर्माण पर जबरन विवाद खड़ा कर रहा है। चीन का कहना है कि भारत ये कहकर लोगों को भ्रमित कर रहा है कि डोकलम में जो सड़क निर्माण कार्य चल रहा है, वो ट्राई-जंक्शन का हिस्सा है। इससे भारत को खतरा हो सकता है। ये बात सरासर गलत है। गेंग ने कहा कि भारत 1890 चीन-ब्रिटेन की संधि को नजरअंदाज करते हुए लोगों में भ्रम फैला रहा है। जबकि सच ये है कि चीनी 1890 की संधि के मुताबिक ही काम कर रहे हैं।
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गेंग ने 1890 की संधि का हवाला देते हुए कहा कि सिक्किम सेक्टर की बाउंड्री सड़क निर्माण की जगह से 2 हजार मीटर दूर है। सिक्किम सेक्टर की सीमा माउंट गिप्मोची तक है।
India 'misleading the public' by saying Chinese troops are building a road close to Chicken's Neck in #Sikkim sector: China.
— Press Trust of India (@PTI_News) July 5, 2017
गेंग ने तो यहां तक कह दिया कि ट्राई जंक्शन और भारत-भूटान-चीन का इस सड़क को लेकर विवाद ही नहीं होना था। क्योंकि सड़क निर्माण तो चीनी क्षेत्र में हो रहा था।
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गौरतलब है कि चीनी सैनिक भारतीय सीमा के पास निर्माण कार्य कर रहे थे, जिसे भारतीय सैनिकों ने रोक दिया। इस घटना के बाद से अबतक दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है और दोनों ही देशों के 3 हजार से अधिक सैनिक आमने-सामने हैं।