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चीन ने माना द्वीप विवाद का असर व्यापार पर होगा
बीजिंग/एजेंसी
Updated Fri, 14 Sep 2012 12:59 PM IST
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चीन ने इस बात को स्वीकार कर लिया है कि कि जापान के साथ पूर्वी चीन सागर के द्वीपों को लेकर चल रहे विवाद से व्यापार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इस संबंध में चीन के वाणिज्य उपमंत्री जियांग झेंगवी ने जानकारी देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच विवादित द्वीपों में से जापान द्वारा कुछ की खरीद से शुरू हुए मसले के कुछ न कुछ नकारात्मक प्रभाव न पड़े ऐसा नहीं हो सकता। इस विवाद से दोनों देशों के बीच हर प्रकार के संबंधों पर प्रभाव पड़ सकता है।
गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच विवादित इन द्वीपों को जापान में सेनकाऊ तथा चीन में दिओयू कहा जाता है और यहां काफी मात्रा में मछलियों और गैस के भंडार हैं। इन द्वीपों पर मालिकाना हक को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से विवाद चलता आ रहा हैं। चीन जापान के सबसे बडे व्यापारिक साझेदारों मे से एक है। लेकिन जापान ने इन द्वीपों के निजी मालिकों से कुछ द्वीप खरीदने की घोषणा की थी जिसे चीन ने इस इलाके में अपनी संप्रभुता पर हमला बताया था और दोनों देशों के बीच विवाद एक बार फिर गरमा गया।
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गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच विवादित इन द्वीपों को जापान में सेनकाऊ तथा चीन में दिओयू कहा जाता है और यहां काफी मात्रा में मछलियों और गैस के भंडार हैं। इन द्वीपों पर मालिकाना हक को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से विवाद चलता आ रहा हैं। चीन जापान के सबसे बडे व्यापारिक साझेदारों मे से एक है। लेकिन जापान ने इन द्वीपों के निजी मालिकों से कुछ द्वीप खरीदने की घोषणा की थी जिसे चीन ने इस इलाके में अपनी संप्रभुता पर हमला बताया था और दोनों देशों के बीच विवाद एक बार फिर गरमा गया।
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