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...तो ब्रिक्स सम्मेलन से पहले बॉर्डर मुद्दा सुलझा लेंगे भारत-चीन!
amarujala.com, Presented by: श्रवण शुक्ला
Updated Thu, 03 Aug 2017 05:25 PM IST
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- फोटो : pti
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भारत-चीन-भूटान के बीच पिछले काफी समय से डोकलम ट्राइ जंक्शन को लेकर विवाद चल रहा है। यहां भारत और चीन की सेनाएं आमने-सामने हैं। पर अब ये मुद्दा सुलझ सकता है, वो भी ब्रिक्स सम्मेलन से पहले। विशेषज्ञों का कहना है कि खुद चीन ही इस विवाद को सुलझाने की पहल करेगा, भले ही अभी वो अपनी अकड़ दिखा रहा हो।
भारत, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील जैसे 5 बड़े आर्थिक शक्तियों के मंच 'ब्रिक्स' का सम्मेलन अगले माह यानि सितंबर की शुरुआत में होनी है। ये बैठक चीनी शहर शियामेन में होगी। इस बैठक में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बातचीत भी होगी। इससे पहले ही दोनों देशों को राजनयिक इस सीमा विवाद को निपटाना चाहते हैं।
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हालांकि ये विवाद इतनी जल्दी निपटता नहीं दिख रहा है। चीनी विदेश मंत्रालय तो साफ कह चुका है कि भारत को पहले सेना हटानी होगी, वहीं चीनी राष्ट्रपित शी जिनपिंग पीएलए के 90वें वर्षगांठ के मौके पर भी बोल चुके हैं कि चीन की सेना हर स्थिति से निपटने को तैयार है।
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भारत, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील जैसे 5 बड़े आर्थिक शक्तियों के मंच 'ब्रिक्स' का सम्मेलन अगले माह यानि सितंबर की शुरुआत में होनी है। ये बैठक चीनी शहर शियामेन में होगी। इस बैठक में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बातचीत भी होगी। इससे पहले ही दोनों देशों को राजनयिक इस सीमा विवाद को निपटाना चाहते हैं।
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दोनों देशों की मीडिया डाल रही आग में घी
इस विवाद के निपटने की राह इतनी आसान भी नहीं। दोनों ही देशों की मीडिया भी इस विवाद को सुलझाने के बजाय उलझाने पर ध्यान दे रही हैं। दोनों ही देशों की मीडिया हार्ड-लाइन पर चलते हुए अपनी सरकारों को ललकार रही हैं। एक तरफ चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स सीधे तौर पर भारत को धमकाते हुए लिखता है कि चीन अपनी सेना का इस्तेमाल करेगा, जो सरकारी सीजीटीएन चैनल भारत को धमकाते हुए न्यूज बुलेटिन प्रसारित करता है।