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चीनी एक्सपर्ट का बयान, अरुणाचल प्रदेश पर चीन का दावा गलत
एजेंसी/बीजिंग
Updated Fri, 04 Aug 2017 09:51 PM IST
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एक असामान्य घटनाक्रम के तहत एक चीनी सामरिक विश्लेषक ने अरुणाचल प्रदेश पर चीन के ‘राष्ट्रीय जुनून’ पर सवाल खड़े किए हैं। विश्लेषक ने कहा है कि यह चीन के लिए कोई महत्वपूर्ण संपत्ति नहीं है।
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चीन का दावा है कि अरुणाचल प्रदेश दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा है। अप्रैल में बीजिंग ने तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा के अरुणाचल प्रदेश दौरे के विरोध में राज्य के छह स्थानों के चीनी नाम की घोषणा की थी। चीन की सरकारी मीडिया ने कहा था कि छह स्थानों के नामकरण का उद्देश्य राज्य पर चीन के दावे को फिर से पुष्ट करना है। तब दलाईलामा के साथ दौरे पर गए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया था कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अविभाज्य अंग है।
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दलाईलामा के तवांग के रास्ते तिब्बत से भागने और भारत में शरण मांगने के बाद से अरुणाचल प्रदेश की यह उनकी सातवीं यात्रा थी। चीनी विश्लेषक वांग तावो तावो ने कहा है कि अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन और भारत के बीच रिश्ते सालों से उतार-चढ़ाव वाले रहे हैं।
यह विवादित राज्य चीन के लिए ‘राष्ट्रीय जुनून’ बन चुका है, लेकिन यह बीजिंग के लिए कोई खास महत्व का नहीं है। वांग ने चीनी वेबसाइट झिहू.कॉम पर लिखा है कि अरुणाचल प्रदेश बीजिंग के लिए कोई खास महत्व का नहीं है। खास बात यह है कि यह लेख ऐसे समय में आया है जब एक महीने से अधिक समय से भारत और चीन सीमा विवाद पर उलझे हुए हैं।