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चीनी शोधकर्ता: पाकिस्तान और चीन के रिश्तों में कड़वाहट पैदा करना चाहता है भारत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 22 Feb 2018 11:43 AM IST
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पाकिस्तान- चीन
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पाकिस्तान की संसद ने उन दावों को खारिज कर दिया जिसमें कहा जा रहा था कि वह मेंडरिन को अपनी आधिकारिक भाषा बनाने वाला है। संसद का कहना है कि वह चीन के साथ अपने रिश्तों की वजह से इस भाषा को प्रोत्साहित कर रहा है। पाक संसद ने ट्वीट कर कहा- बढ़ती संबद्धता की रौशनी में सीपीईसी के तहत पाकिस्तान और चीन के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए चीन की आधिकारिक भाषा के कोर्स जिसे कि स्टैंडर्ड चाइनीज कहा जाता है, उसकी पहुंच हर किसी तक करवाई जाएगी ताकि इससे संचार में आने वाले खर्च को कम किया जा सके।
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पाकिस्तान के एक टीवी चैनल ने सोमवार को खबर दी थी कि देश की संसद ने मेंडरिन को आधिकारिक भाषा बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। जिसके बाद कई भारतीय मीडिया संस्थानों ने इसकी खबरें दी थी। जिसके बाद शंघाई एकेडमी ऑफ सोशल साइसेंज के अंतर्राष्ट्रीय संबंध संस्थान के शोधकर्ता ह्यू जियोंग ने कहा- कुछ भारतीय मीडिया संस्थानों ने झूठी खबरें फैलाई ताकि चीन और पाकिस्तान के बीच कड़वाहट पैदा की जा सके।
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इससे पहले की पाकिस्तानी संसद इस तरह की खबरों को खारिज करती कुछ सोशल मीडिया पंडितों ने आरोप लगाया कि चीन पाकिस्तान पर कब्जा कर रहा है और पाक की अपने देश की भाषाओं को नंजरअंदाज करने की वजह से आलोचना की।
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