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चीनी मीडिया : भारत, चीन की सैन्य विकास और CPEC लेकर ज्यादा चिंता ना दिखाये
amarujala.com- Presented by: आनंद
Updated Mon, 08 May 2017 01:53 PM IST
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चीनी मीडिया ने भारत को संदेश दिया है कि चीन की सैन्य विकास या फिर चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारों को लेकर ज्यादा चिंता ना दिखाये। चीनी मीडिया से पहले भारतीय सेना प्रमुख ने सुझाव दिया था कि नई दिल्ली ने अपने "भविष्य के शत्रुओं" को घेरने का प्रयास किया। सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के प्रकाशक अखबार ग्लोबल टाइम में छपे लेख के अनुसार भारत को चिंता है कि चीन जानबूझकर भारत-पाकिस्तान विवादों में हस्तक्षेप कर रहा था,
विवादित क्षेत्र पर इस्लामाबाद के नियंत्रण क्षेत्र को वैधता देने के लिए सीपीईसी (जो पाकिस्तान-कब्जे वाले कश्मीर के माध्यम से चलाया जाता है) का उपयोग करता है। " चीनी मीडिया में यह भी कहा गया कि भारत बीजिंग और इस्लामबाद को संभावित खतरे के रूप में देखता है। भारत को चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को लेकर भी संदेह है।
जोकि भारत स्थिति को बढ़ा-चढ़ा कर दिखा रहा है। लेख में आगे लिखा है कि बीजिंग भारत की संप्रभुता की चिंताओं का सम्मान करता है। साथ ही यह भी कहा कि अगर भारत-पाकिस्तान दोनों देश किसी स्थिति में मध्यस्थ चाहते है तो चीन उस विवाद को खत्म करने में भी साथ देगा।
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विवादित क्षेत्र पर इस्लामाबाद के नियंत्रण क्षेत्र को वैधता देने के लिए सीपीईसी (जो पाकिस्तान-कब्जे वाले कश्मीर के माध्यम से चलाया जाता है) का उपयोग करता है। " चीनी मीडिया में यह भी कहा गया कि भारत बीजिंग और इस्लामबाद को संभावित खतरे के रूप में देखता है। भारत को चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को लेकर भी संदेह है।
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जोकि भारत स्थिति को बढ़ा-चढ़ा कर दिखा रहा है। लेख में आगे लिखा है कि बीजिंग भारत की संप्रभुता की चिंताओं का सम्मान करता है। साथ ही यह भी कहा कि अगर भारत-पाकिस्तान दोनों देश किसी स्थिति में मध्यस्थ चाहते है तो चीन उस विवाद को खत्म करने में भी साथ देगा।
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सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण
चीनी मीडिया की टिप्पणी ऐसे समय में आयी है जब पिछले हफ्ते सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा था कि भारत इराक,ईरान और अफगानिस्तान के साथ अच्छे संबंध है। जो कि सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होनें कहा कि इस संबंध से रणनीति के तहत पाकिस्ताान और अन्य पड़ोसी देश चीन के साथ मुद्दों से निपटना में सहायता करेगा।
जिसके बाद भारतीय सेना प्रमुख ने सुझाव दिया कि नई दिल्ली ने अपने "भविष्य के शत्रुओं" को घेरने का प्रयास करेगी। इस मुददे से पहले चीन ने भारत के हितों को ध्यान में रखते हुए कहा चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारें का नाम बदने की बात भी कही। भारत की संप्रभुता को ध्यान में रखते हुए चीन ने बड़ा ऐलान किया है। चीन अपने आर्थिक गलियारे चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) के नाम को बदलने पर विचार कर रहा है।
ये कॉरिडोर पाक अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरेता है। भारत लगातार विरोध के साथ कह रहा है कि ये उसकी संप्रभुता पर प्रहार है। चीन के राजदूत लुओ झाहाई ने दिल्ली के यूनाइटेड सर्विस इंस्टिट्यूड में नाम बदलने पर विचार की बात कही है।
जिसके बाद भारतीय सेना प्रमुख ने सुझाव दिया कि नई दिल्ली ने अपने "भविष्य के शत्रुओं" को घेरने का प्रयास करेगी। इस मुददे से पहले चीन ने भारत के हितों को ध्यान में रखते हुए कहा चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारें का नाम बदने की बात भी कही। भारत की संप्रभुता को ध्यान में रखते हुए चीन ने बड़ा ऐलान किया है। चीन अपने आर्थिक गलियारे चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) के नाम को बदलने पर विचार कर रहा है।
ये कॉरिडोर पाक अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरेता है। भारत लगातार विरोध के साथ कह रहा है कि ये उसकी संप्रभुता पर प्रहार है। चीन के राजदूत लुओ झाहाई ने दिल्ली के यूनाइटेड सर्विस इंस्टिट्यूड में नाम बदलने पर विचार की बात कही है।