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पाक-चीन आर्थिक कॉरिडोर में शामिल हो भारत, चीनी मीडिया ने की मांग
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 24 Dec 2016 11:50 AM IST
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आर्थिक कॉरिडोर
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पाकिस्तान और चीन के बीच इकॉनमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) में अब भारत के भी शामिल होने की मांग की जा रही है। बीते दिनों ही पाकिस्तान ने इसमें शामिल होने के लिए भारत को ऑफर दिया था। अब चीन की आधिकारिक मीडिया ने कहा है कि तकरीबन 46 अरब डॉलर से बने इस आर्थिक कॉरिडोर से जुड़ने के पाकिस्तानी जनरल की पेशकश को स्वीकार करें।
सरकारी समाचार पत्र 'ग्लोबल टाइम्स' के एक ऑर्टिकल में कहा गया है कि नई दिल्ली को चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर से जुड़ने के लिए पाकिस्तान की ओर से कई गई पेशकश को स्वीकार करने पर एक बार फिर विचार करना चाहिए। दोनों देशों को दुश्मनी को कम करने क सबसे अच्छा तरीका परस्पर फायदों पर आर्थिक सहयोग स्थापित करना है।
बताते चलें कि पाकिस्तानी सेना के दक्षिणी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रियाज ने इस हफ्ते ने कहा था कि भारत और पाकिस्तान को एक साथ आना चाहिए और आर्थिक कोरिडोर से जुड़ना चाहिए।
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सरकारी समाचार पत्र 'ग्लोबल टाइम्स' के एक ऑर्टिकल में कहा गया है कि नई दिल्ली को चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर से जुड़ने के लिए पाकिस्तान की ओर से कई गई पेशकश को स्वीकार करने पर एक बार फिर विचार करना चाहिए। दोनों देशों को दुश्मनी को कम करने क सबसे अच्छा तरीका परस्पर फायदों पर आर्थिक सहयोग स्थापित करना है।
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बताते चलें कि पाकिस्तानी सेना के दक्षिणी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रियाज ने इस हफ्ते ने कहा था कि भारत और पाकिस्तान को एक साथ आना चाहिए और आर्थिक कोरिडोर से जुड़ना चाहिए।
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भारत चीन के साथ अपने आर्थिक नुकसान को कम कर सकता है
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चीनी मीडिया ने कहा है कि भारत सीपेक से खुलने वाले नए व्यापार मार्गों से अपने निर्यात बढ़ा सकता है। वहीं, इस आर्थिक कॉरिडोर से भारत चीन के साथ अपने आर्थिक नुकसान को कम कर सकता है।
वहीं, पाकिस्तानी जनरल रियाज ने कहा कि भारत को दुश्मनी भुलाकर 46 बिलियन डॉलर के कॉरिडोर में शामिल होना चाहिए। ईरान, अफगानिस्तान और दूसरे सेंट्रल एशियाई देश इसका फायदा उठा रहे हैं।