चीन को कोसने से पूरा नहीं होगा भारत का सपना: चीनी मीडिया
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अमेरिका से भारत की बढ़ती नजदीकी और प्रधानमंत्री मोदी के एक के बाद एक यूएस दौरे से चीन की चिंताएं बढ़ गई हैं। चीन के सरकारी अखबार ने बुधवार को कहा कि चीन को ‘रोककर’ या एक पक्ष को दूसरे के खिलाफ खड़ा करके भारत आगे नहीं बढ़ सकता।
हालांकि चीनी मीडिया ने माना कि भारत और अमेरिका के संबंध अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गए हैं। ग्लोबल टाइम्स ने एक लेख में कहा, ‘दो वर्षों में चार बार अमेरिका की यात्रा और राष्ट्रपति ओबामा से सात मुलाकातें कर भारतीय प्रधानमंत्री मोदी दोनों देशों के संबंधों को एक अभूतपूर्व स्तर पर ले गए हैं।
दोनों देशों के संबंधों को लेकर गर्मागर्म चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।’ चीनी मीडिया ने आगे कहा, ‘किसी एक पक्ष का समर्थन कर या किसी दूसरे पक्ष के खिलाफ खेमेबंदी करने से भारत आगे नहीं बढ़ेगा। नई दिल्ली एक बहुमुखी कूटनीति की ओर देख रही है।
अंतरराष्ट्रीय संबंधों के साथ देश को और ज्यादा आश्वस्त होने के लिए प्रोत्साहित
अच्छा प्रदर्शन कर रही भारतीय अर्थव्यवस्था बहुपक्षीय होने और संतुलित अंतरराष्ट्रीय संबंधों के साथ देश को और ज्यादा आश्वस्त होने के लिए प्रोत्साहित करेगी।’ मोदी के हालिया अमेरिका दौरे के संदर्भ में अखबार ने कहा, ‘कई तरह से चीन के साथ प्रतिद्वंद्विता के बावजूद भारत जानता है कि उसका बड़ा सपना चीन को कोसने या रोकने से पूरा नहीं किया जा सकता।
इसके बजाए उसे अपने हितों के लिए सहयोग बढ़ाने के साथ नई संभावनाएं तलाशनी चाहिए और पारस्परिक भरोसा बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए। चीन भारत के लिए प्रतिद्वंद्वी से ज्यादा एक सहयोगी है। इससे चीन के प्रति भारत की मौलिक समझ बढ़ेगी।’ भारत को उम्मीद है कि पीएम मोदी के हाल के अमेरिका दौरे से कारोबार, सुरक्षा सहयोग, परमाणु मसले समेत कई प्रकार से फायदा होगा।