अरुण जेटली के बयान से घबराया चीन, कहा- भारत कर रहा है युद्ध की तैयारी
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रक्षा मंत्री अरुण जेटली के बयान के बाद चीन को भारत से युद्ध का डर सताने लगा है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबकि चीनी एक्सपर्ट का कहना है कि बुधवार को दिया गया रक्षा मंत्री अरुण जेटली के बयान के बाद दोनों देशों के बीच जंग की संभावना बढ़ गई हैं।
गौरतलब है कि बुधवार को अरुण जेटली ने कहा था कि भारत ने 1962 के युद्ध से सबक ले लिया है। अब वह किसी भी जंग के लिए तैयार है। जिसके बाद शंघाई इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज में एशिया-पैसिफिक स्टडी सेंटर के निदेशक झाओ गैन्चेंग ने ग्लोबल टाइम्स से बातचीत में कहा कि जेटली का यह बयान किसी भी भारतीय राजनेता द्वारा दिया गया सबसे कड़ा संदेश है।
उन्होंने कहा कि जेटली का ये बयान चीन के लिए एक संदेश है कि भारतीय सेना संभावित युद्ध की तैयारी कर रही है। जिसके बाद सीमा पर जंग की संभावनाएं बढ़ गई है।
झाओ ने कहा कि चीन को भारत पर लगातार दबाव बनाना चाहिए और सैन्य ऑपरेशन की तैयारी करनी चाहिए। साथ ही चीनी मीडिया ने लिखा कि भारतीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारतीय सेना ने सीमा के आसपास के गांव खाली करा दिए हैं।
'देश ने 1962 के युद्ध से लिया सबक, सेना अब किसी भी चुनौती से निपटने को तैयार'
गौरतलब है कि रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को कहा था कि भारतीय सेना देश की सुरक्षा के मोर्चे पर पैदा किसी भी चुनौती से निपटने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि हमने 1962 की लड़ाई से सबक सीखा है।
राज्यसभा में उन्होंने कहा कि देश के लोग चाहते हैं कि 1948 में कश्मीर का जो हिस्सा पाकिस्तान के पास गया था उसे वापस ले लिया जाए। भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं वर्षगांठ पर राज्यसभा में विशेष बहस के दौरान जेटली ने कहा कि पिछले कुछ दशकों के भारत ने कई चुनौतियों का सामना किया है और हम कह सकते हैं कि देश इससे जूझ कर और मजबूत हुआ है।
हमने 1962 में चीन के साथ हुए युद्ध से यही सबक सीखा है कि देश की सेना को अपने दम पर सक्षम होना होगा क्योंकि आज भी हमें अपने पड़ोसियों से चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 1962 की तुलना में 1965 और 1971 में हमारी सेना ज्यादा मजबूत थी।
जेटली ने आगे कहा कि देश आतंकवाद और वामपंथी उग्रवाद जैसी बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है। देश के दो पूर्व प्रधानमंत्रियों इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को आतंकवाद की वजह से जान गंवानी पड़ी उन्होंने देश के बाहर और भीतर कुछ लोग आतंकवाद फैला रहे हैं। खास कर देश के उत्तरी इलाके में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है।