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नेपाल के बाद बिहार तक रेल नेटवर्क बनाना चाहता है चीन

Tue, 24 May 2016 05:17 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 24 May 2016 05:17 PM IST
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China wants to extend its Nepal rail link to India
तिब्बत के रास्ते नेपाल तक रेल और रोड नेटवर्क तैयार करने में जुटा चीन अब भारत के जरिए दक्षिण एशिया तक पहुंच कायम करना चाहता है। चीन के सरकारी अखबार 'द ग्लोबल टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, ड्रैगन अपना रेल नेटवर्क 2020 तक नेपाल पहुंचा देगा। चीन का मानना है कि रसुवागाधी से बीरगंज (नेपाल) तक जो रेल लाइन वह बिछा रहा है, उसके जरिए वह भारत तक बेहद कम खर्चे में पहुंच सकता है। यह रूट कोलकाता की तुलना में ज्यादा आसान होगा, क्योंकि बीरगंज से बिहार सिर्फ 240 किलोमीटर है। 
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आर्टिकल में लिखा गया है कि चीन के साथ नेपाल की रेल कनेक्टिविटी नेपालियों के लिए बेहद अहम है। खासतौर पर भविष्य में विकास के लिहाज से। इसके अलावा दक्षिण एशिया के साथ संपर्क के नजरिए से भी यह बेहद महत्वपूर्ण है। नेपाल सरकार के पास इतिहास रचने का अच्छा मौका है। नेपाल तक रेल और सड़क संपर्क को चीन की दृष्टि से रणनीतिक माना जा रहा है। कूटनीतिक जानकारों का कहना है कि ड्रैगन नेपाल तक पहुंच बनाकर भारत को संदेश देना चाहता है कि काठमांडू में नई दिल्ली का प्रभाव कम हो रहा है। 
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बिहार तक रेल नेटवर्क बिछाने की चीन की मंशा के पीछे व्यापारिक कारण भी है। दरअसल,नेपाल तक रेल लाइन बिछाने में चीन को काफी पैसा बहाना पड़ा है। नेपाल के साथ व्यापार से तो वह इस पैसे की भरपाई कर सकता है। ऐसे में वह बिहार तक रेल लाइन लाकर कारोबार को बढ़ा सकता है। 
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