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अमेरिका के F-35 को टक्कर देने के लिए चीन ने उतारा FC-31 फाइटर जेट
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 26 Dec 2016 06:51 PM IST
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- फोटो : Getty images
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चीन ने अमेरिका के सबसे ताकतवर और तेजतर्रार फाइटर जेट एफ-35 के मुकाबले अपना एफसी-31 गिरफॉलकन का परीक्षण किया है। यह फाइटरजेट जे-31 का नया वर्जन है। चीन इसे पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान करार दे रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक यह दुनिया के सबसे ताकतवर लड़ाकू विमानों में से एक हैं।
चीन ने इस लड़ाकू विमान का परीक्षण ऐसे समय किया जब उसने हाल ही पश्चिमी प्रशांत में पहली बार अपना विमानवाहक जहाज लायनिंग उतारा। शुक्रवार को पहली बार चीन के इस नए दो इंजन वाले लड़ाकू विमान का परीक्षण किया गया।
चीन का नया एफसी-31 पहले के मुकाबले उन्नत क्षमताओं वाला लड़ाकू विमान है। इसमें पहले से ज्यादा गोलाबारूद लोड किया जा सकता है। इसे चीन के सरकारी उपक्रम शेनयांग एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन ने तैयार किया है।
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चीन ने इस नए लड़ाकू विमान की बाजार में कीमत 70 मिलियन डॉलर लगाई है, जो कि तमाम देशों को उस एकाधिकार को खत्म करेगी जो चौथी पीढ़ी के विमानों को महंगी कीमत बेच रहे हैं।
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चीन ने इस लड़ाकू विमान का परीक्षण ऐसे समय किया जब उसने हाल ही पश्चिमी प्रशांत में पहली बार अपना विमानवाहक जहाज लायनिंग उतारा। शुक्रवार को पहली बार चीन के इस नए दो इंजन वाले लड़ाकू विमान का परीक्षण किया गया।
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चीन का नया एफसी-31 पहले के मुकाबले उन्नत क्षमताओं वाला लड़ाकू विमान है। इसमें पहले से ज्यादा गोलाबारूद लोड किया जा सकता है। इसे चीन के सरकारी उपक्रम शेनयांग एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन ने तैयार किया है।
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चीन ने इस नए लड़ाकू विमान की बाजार में कीमत 70 मिलियन डॉलर लगाई है, जो कि तमाम देशों को उस एकाधिकार को खत्म करेगी जो चौथी पीढ़ी के विमानों को महंगी कीमत बेच रहे हैं।
चीन बढ़ा रहा घरेलू हथियारों का जखीरा
चीन आक्रामता के साथ घरेलू हथियारों की इंडस्ट्री को विकसित कर रहा है, जिसके तहत ड्रोन से लेकर एंटी एयरक्राफ्ट सिस्टम और घरेलू जेट इंजन बनाए जा रहे हैं।
इससे पहले चीन पर आरोप लगा चुका है कि उसने एफसी-31 को रूस से कॉपी किया है। लेकिन बाद में कहा गया कि यह अमेरिका के एफ-35 जैसा है।
पूरी तरह से तैयार होने के बाद एफसी-31, जे-20 के बाद चीन का दूसरा पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान होगा।
इससे पहले चीन पर आरोप लगा चुका है कि उसने एफसी-31 को रूस से कॉपी किया है। लेकिन बाद में कहा गया कि यह अमेरिका के एफ-35 जैसा है।
पूरी तरह से तैयार होने के बाद एफसी-31, जे-20 के बाद चीन का दूसरा पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान होगा।
भारत ने किया अग्नि-5 मिसाइल का सफल परीक्षण, चीन-पाक तक कर सकती है हमला
बेशक चीन लगातार अपनी सैन्य ताकत में इजाफा कर रहा है, लेकिन भारत भी पीछे नहीं है। भारत की सबसे दूर तक मार करने वाली स्वदेश में विकसित परमाणु क्षमता से लैस अग्नि-5 मिसाइल का सोमवार को सफल परीक्षण किया गया। परीक्षण ओडिशा के तट से दूर व्हीलर द्वीप पर किया गया। देश में तैयार की गई यह मिसाइल 5 हजार किलोमीटर तक मार कर सकती है। 17 मीटर लंबी और 2 मीटर चौड़ी इस मिसाइल की जद में चीन और पाकिस्तान समेत यूरोप भी होगा।
50 टन वजनी अग्नि-5 मिसाइल सतह से सतह पर मार करने में सक्षम है। लॉन्चिंग सिस्टम में कैनस्टर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है इससे मिसाइल को कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता है।
इसका पहला परीक्षण 19 अप्रैल 2012 को किया गया था। इसके बाद 15 सितंबर 2013 को इसका दूसरा परीक्षण तथा 31 जनवरी 2015 को इसका तीसरा परीक्षण हुआ था। सतह से मार करने में सक्षम यह मिसाइल पांच हजार किलोमीटर से अधिक तक जाने में सक्षम है। यह मिसाइल एक टन से अधिक वजन का परमाणु बम ले जाने में सक्षम है। यह अग्नि श्रृंखला की सबसे उन्नत मिसाइल है।
50 टन वजनी अग्नि-5 मिसाइल सतह से सतह पर मार करने में सक्षम है। लॉन्चिंग सिस्टम में कैनस्टर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है इससे मिसाइल को कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता है।
इसका पहला परीक्षण 19 अप्रैल 2012 को किया गया था। इसके बाद 15 सितंबर 2013 को इसका दूसरा परीक्षण तथा 31 जनवरी 2015 को इसका तीसरा परीक्षण हुआ था। सतह से मार करने में सक्षम यह मिसाइल पांच हजार किलोमीटर से अधिक तक जाने में सक्षम है। यह मिसाइल एक टन से अधिक वजन का परमाणु बम ले जाने में सक्षम है। यह अग्नि श्रृंखला की सबसे उन्नत मिसाइल है।