एक साल बाद चीन ने की नॉर्थ कोरिया से बात, परमाणु हथियार बने थे रिश्तों में खटास की वजह
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन को दुर्लभ संदेश भेजा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक साल से ज्यादा समय बाद चीन ने सार्वजनिक तौर पर अपने पड़ोसी से संवाद किया है। संदेश से उनके बीच खिंचाव भरे रिश्तों में संभावित सुधार के संकेत मिलते हैं।
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प्योंगयांग की हथियारों को लेकर बढ़ती महत्वाकांक्षा से उनके बीच दूरियां आईं। हालांकि बीजिंग उसका लंबे समय से साझेदार और आर्थिक सहयोग रहा है। शी का संदेश चीन की सत्तारूढ़ पार्टी के प्रमुख के तौर पर दूसरा कार्यकाल हासिल करने के लिए किम की तरफ से दी गई शुभकामनाओं के जवाब में भेजा गया है।
उत्तर कोरिया की समाचार एजेंसी केसीएनए के अनुसार किम को ‘कॉमरेड चेयरमैन’ संबोधित करते हुए शी ने कहा, ‘मैं कामना करता हूं कि नई स्थिति में चीनी पक्ष, डीपीआर पक्ष के साथ दोनों पक्षों ओर दोनों देशों के बीच निरंतर मजबूत और स्थिर प्रगति को प्रोत्साहन देकर रिश्तों को बढ़ावा देगा।’
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अपने पहले के संदेश में किम ने शी को हार्दिक बधाई दी थी और विश्वास व्यक्त किया था कि दोनों देशों के लोगों के हितों में उनके संबंध विकसित होंगे।
ट्रंप के चीन दौरे पर उत्तर कोरिया को लेकर होगी बात : चीनी विदेश मंत्रालय
एक चीनी राजनयिक ने कहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अगले हफ्ते चीन यात्रा के दौरान हम महत्वपूर्ण परिणामों को प्राप्त करने को तैयार हैं और हमें आशा है कि इस दौरे से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने कहा कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग के आमंत्रण पर ट्रंप 8 से 10 नवंबर तक चीन के दौरे पर रहेंगे।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के प्रमुख इस दौरान चीन-अमेरिकी संबंधों और प्रमुख वैश्विक व क्षेत्रीय मुद्दों पर गहन विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों पर दोनों देशों ने गहराई से चिंता व्यक्त की है और इस संकट से निपटने के लिए संघर्ष भी कर रहे हैं।
ट्रंप की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब दोनों देशों के बीच तमाम मुद्दों पर असहमति है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस दौरान ट्रंप विवादित दक्षिण और पूर्वी चीनी सागर में चीन की भूमिका पर सवाल उठा सकते हैं।
इसके अलावा ट्रंप दोनों देशों के बीच व्यापार असंतुलन के मुद्दे पर भी अपना पक्ष रखेंगे। गौरतलब है कि अमेरिका के विदेश मंत्री रैक्स टिलरसन ने पिछले महीने बीजिंग का दौरा किया था। इस दौरान ट्रंप के चीन दौरे की योजना बनाई गई थी।