चीन के सबसे अमीर आदमी को उत्तराधिकारी की तलाश, बेटे का वारिस बनने से इनकार
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चीन के सबसे अमीर व्यक्ति के बेटे ने अपने पिता की 92 अरब डॉलर के साम्राज्य का वारिस बनने से इनकार कर दिया है। इसके बाद उस अमीर आदमी को अपने साम्राज्य के लिए एक उत्तराधिकारी की तलाश है। उसका उत्तराधिकारी पेशेवर मैनेजरों के समूह से कोई व्यक्ति हो सकता है।
चीन के सबसे अमीर बिजनेस घराना डालियन वांडा ग्रुप समूह के संस्थापक और चेयरमैन 62 वर्षीय वांग जिआनलिन ने कहा कि वह अपने बिजनेस को चलाने को के लिए अपने उत्तराधिकारी के तौर पर पेशेवर मैनेजरों के समूह से किसी एक को चुन सकते हैं।
जिआनलिन का दुकान, मॉल, थीम पार्क, खेल क्लबों और सिनेमा घरों का बिजनेस है। चीन उद्यमियों के शिखर सम्मेलन में वांग ने कहा, ‘मैंने अपने बेटे से उत्तराधिकार योजना के बारे में पूछा और उसने कहा कि वह मेरी तरह जीवन जीना नहीं चाहता है।
1970 से लेकर 1986 तक वांग ने पीपुल्स लिब्रेसन आर्मी में नौकरी की
शायद युवा लोगों को उनके अपने जुस्तजू और प्राथमिकताएं हैं। शायद अब अपना कारोबार पेशेवर प्रबंधकों को सौंपना बेहतर होगा और हम बोर्ड में बैठे और वहां से अपनी कंपनी चलाएं।’ सनद रहे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हालिया मुलाकात में वांग की हरियाणा के खरखोदा में 10 अरब डॉलर के निवेश से एक इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना करने की योजना है।
इसके लिए वांग समूह और हरियाणा के बीच शुरुआती करार भी हो चुके हैं। उल्लेखनीय है कि 1970 से लेकर 1986 तक वांग ने पीपुल्स लिब्रेसन आर्मी में नौकरी की। 1988 में अपने दोस्तों से 80000 डॉलर का कर्ज लेकर उन्होंने पोर्ट सिटी डालियन में बिजनेस शुरू किया।
1989 में उन्होंने रियल एस्टेट कंपनी डालियन वांडा की स्थापना की। अप्रैल 2015 में ब्लूमबर्ग ने उन्हें एशिया का सबसे अमीर आदमी घोषित किया। इसके बाद फोर्ब्स ने उन्हें दुनिया का 20वां सबसे अमीर आदमी बताया था।