श्रीलंका के रास्ते भारत को घेरने की तैयारी में जुटा ड्रैगन
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ड्रैगन ने एकबार फिर चालाकी का परिचय देते हुए भारत के खिलाफ अपनी कूटनीतिक चाल चली है। लगातार भारतीय जमीन को कब्जाने की कोशिश करने वाला चीन अब समंदर के रास्ते भारत को घेरने की फिराक में है। इस बार चीन ने अपने मंसूबो अंजाम देने के लिए श्रीलंका को मोहरा बनाया है।
चीन हिंद महासागर से होकर सिल्क रूट बनाने जा रहा है। इस रूट के बनने पर उसे ऊर्जा संपन्न अरब की खाड़ी और पूर्वी चीन के आर्थिक केंद्रों के बीच आने वाले बंदरगाहों पर पहुंच मिलेगी।
चीन ने इस प्रोजेक्ट को लागू करने के लिए श्रीलंका को शिपिंग हब बनाने का लालच दिया है।
माना जा रहा है कि श्रीलंका को शिपिंग हब बनाने के जरिए चीन भारत की घेराबंदी करने की फिराक में है।
क्या अपने मकसद में कामयाब होगा ड्रैगन?
चीन ने इस प्रोजेक्ट के लिए जल क्षेत्र के जरिए श्रीलंका और खुद के विकास की राह बनाने की दुहाई दी है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने शुक्रवार को श्रीलंका के विदेश मंत्री मंगला समरवीरा से मुलाकात की।
इस दौरान वांग यी ने मीडिया को बताया इस प्रोजेक्ट के जरिए वह भविष्य में श्रीलंका से बेहतर रिश्ते और सहयोग चाहता है। इसके लिए वह भी श्रीलंका की मदद करने को तैयार है। वह हिंद महासागर में श्रीलंका को शिपिंग हब बनाएगा।
वांग ने यह भी कहा कि उसके इस फैसले से किसी तीसरे देश को फर्क नहीं पड़ेगा। वांग के मुताबिक श्रीलंका और चीन आमराय बनाकर इस प्रोजेक्ट के लिए आगे बढ़े हैं।