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चीन की इस रणनीति ने बढ़ाई अमेरिका की मुश्किलें

Thu, 28 May 2015 11:30 AM IST
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस / बीजिंग।
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस / बीजिंग। Updated Thu, 28 May 2015 11:30 AM IST
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China's extended problems for US

दक्षिण चीन सागर में ड्रैगन की बढ़ती दखल और अब उसकी नई सैन्य रणनीति ने अमेरिका की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले सालों में चीन की नौसैनिक क्षमता में इजाफे और सागर में कृत्रिम द्वीप बनाने की कोशिश ने क्षेत्र में होड़ सी बढ़ गई है। इसी होड़ के मद्देनजर अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर में मौजूदा हालातों को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर करार दिया है।

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दरअसल, दक्षिण चीन सागर अमेरिका ही नहीं भारत के लिए भी चिंता का सबब बन चुका है। इस सागर में चीन की नौसैनिक गतिविधियों में इजाफा भारत के लिए भी एक चुनौती होगी, जो आने वाले दिनों में तनाव की वजह बन सकती है।
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हाल ही में दक्षिण चीन सागर में अमेरिकी टोही विमानों द्वारा निगरानी किए जाने पर ड्रैगन ने अमेरिका को चेतावनी भी दे डाली थी, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी में 23 लाख सदस्य हैं। जिसमें तकरीबन 17 फीसदी वायुसेना और 10 फीसदी नौसेना के हैं।

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चीन पर है कड़ी नजर

China's extended problems for US

ह्वाइट हाउस के प्रेस सचिव जोश अर्नेस्ट ने कहा, ‘यह अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के हितों के लिए गंभीर मामला है। यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी नाजुक मामला है। क्योंकि दक्षिण चीन सागर से भी काफी मुक्त व्यापार होता है, जिसे बनाए रखने की जरूरत है।’ उन्होंने कहा कि अमेरिका क्षेत्र के दूसरे देशों के साथ मिलकर इसकी सुरक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

अर्नेस्ट ने कहा कि राष्ट्रपति ओबामा खुद भी इस मामले को प्राथमिकता से ले रहे हैं और इसकी जानकारी ले रहे हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि अमेरिका चीन की सैन्य गतिविधियों पर सावधानी से नजर रखे हुए है।

विदेश विभाग के प्रवक्ता जेफ राथके ने कहा कि हमने चीन से ज्यादा पारदर्शिता बरतने और क्षेत्र में अपनी सैन्य गतिविधियों के प्रति साफ इरादा जाहिर करने की अपील की है।

तेल व प्राकृतिक गैस से भरपूर है सागर
चीन समेत ताइवान, ब्रुनेई, मलयेशिया, वियतनाम और फिलीपींस ने दक्षिण चीन सागर में तकरीबन 35 लाख वर्ग किलोमीटर के हिस्से पर अपना दावा ठोक रखा है। अब चीन इस सागर में छोटे-छोटे द्वीप बनाने में लगा हुआ है, जो तेल, प्राकृतिक गैस और मछलियों से भरपूर है। यह इलाका अंतरराष्ट्रीय समुद्री जहाजों के लिए प्रमुख मार्ग भी है।

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