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चीन की पलटी, CPEC का नाम बदलने के प्रस्ताव को किया खारिज
एजेंसी/ नई दिल्ली
Updated Wed, 10 May 2017 06:52 AM IST
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चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) का नाम बदलने के अपने प्रस्ताव पर चीन ने पलटी मार दी है। सोमवार को नई दिल्ली में स्थित चीनी दूतावास ने एक बयान जारी किया था। जिसमें भारत में चीनी राजदूत लुओ झाओहुई ने पड़ोसी देश के साथ संबंधों को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता जताते हुए सीपीईसी का नाम बदलने का प्रस्ताव रखा था। लेकिन अब चीनी एंबेसी की आधिकारिक वेबसाइट से उनके इस बयान को हटा दिया गया है।
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चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जेंग शुआंग ने मंगलवार को मामले पर सफाई देते हुए कहा, ‘जहां तक मेरी समझ है, भारत में चीनी एंबेसी ने यह बयान राजदूत के कार्यक्रमों की जानकारी के तौर पर दी। यह उनकी निजी राय हो सकती है।’
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चीनी मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने यह भी कहा कि मुझे इस बारे में अभी तक आधिकारिक जानकारी प्राप्त नहीं हुई है कि एंबेसी ने सही जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध कराई या नहीं।
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बदला हुआ नाम बेकार लगेगा
गौरतलब है कि नई दिल्ली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चीनी राजदूत झाओहुई ने भारत के साथ संबंधों को मधुर बनाने की दिशा में चार सूत्री प्रस्ताव रखा था, जिसमें वन बेल्ट वन रोड़ (ओबीओआर) योजना को भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी से मिलाने और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर फिर से बातचीत करना भी शामिल था। इसके तहत चीन ने सीपीईसी का नाम बदलने की पेशकश रखी थी।
माना जा रहा है कि चीन ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ बेल्ट एंड रोड फोरम (बीआरएफ) की बैठक में हिस्सा लेने के अगले हफ्ते चीन जाएंगे। ऐसे में चीन का मानना है कि बीआरएफ की बैठक में सीपीईसी का नाम बदला हुआ नजर आना अपने आप में खराब लगेगा। इस बैठक में 28 देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल होंगे।
माना जा रहा है कि चीन ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ बेल्ट एंड रोड फोरम (बीआरएफ) की बैठक में हिस्सा लेने के अगले हफ्ते चीन जाएंगे। ऐसे में चीन का मानना है कि बीआरएफ की बैठक में सीपीईसी का नाम बदला हुआ नजर आना अपने आप में खराब लगेगा। इस बैठक में 28 देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल होंगे।