भारत और रूस से त्रिपक्षीय बातचीत का प्रस्ताव ठुकराने से चीन का इंकार
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चीन ने बृहस्पतिवार को कहा कि रक्षा क्षेत्र में भारत एवं रूस के साथ सहयोग के मामले में उसका रुख स्पष्ट है। साथ ही उसने उन खबरों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि पाकिस्तान की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए बीजिंग ने चीन, भारत एवं रूस के बीच त्रिपक्षीय बातचीत के लिए मॉॅस्को की ओर से दिए गए प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।
चीनी के रक्षा मंत्रालय ने एक सवाल के लिखित जवाब में कहा, ‘रक्षा क्षेत्र में चीन-रूस-भारत सहयोग को लेकर चीन का रुख स्पष्ट है और वह तीनों देशों के रक्षा मंत्रालयों के नेताओं की बैठक पर सभी पक्षों के साथ संवाद कायम रखने का इच्छुक है।’
चीन के रक्षा मंत्रालय से उन खबरों के बारे में पूछा गया था, जिनमें कहा गया था कि बीजिंग ने पाकिस्तान की संवेदनशीलता और दलाईलामा को अरुणाचल प्रदेश जाने की अनुमति देने के नई दिल्ली के फैसले को ध्यान में रखते हुए चीन, भारत एवं रूस के बीच त्रिपक्षीय बातचीत के लिए मॉॅस्को की ओर से दिए गए प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।
हर साल होती है तीनों देशों की बैठक
बहरहाल, चीन की आधिकारिक मीडिया ने चीन और भारत के बीच के परस्पर अविश्वास को देखते हुए रणनीतिक त्रिपक्षीय सहयोग की बात को वास्तविकता से परे करार दिया है। तीनों देशों की बात की जाए तो पहले से ही एक व्यवस्था है जिसे आरआईसी (रूस, भारत, चीन) नाम दिया गया है।
आरआईसी के तहत तीनों देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक हर साल होती है। सरकारी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने एक लेख में कहा गया है, ‘चीन ने इस विषय पर भारत को सीधा संदेश नहीं दिया है। परंतु सवाल यह है कि क्या तीनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग का कोई समूह बनाने के लिए यह उपयुक्त समय है।’