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डोकलाम गतिरोध को खत्म कराने वाले राजनयिक को मिली तरक्की
एजेंसी, बीजिंग
Updated Wed, 25 Oct 2017 01:46 AM IST
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यांग जेईची और अजीत डोभाल
- फोटो : FILE PHOTO
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भारत-चीन सीमा मसले पर बातचीत के लिए अधिकृत चीन के विशेष प्रतिनिधि व प्रमुख राजनयिक यांग जेईची को कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) की शक्तिशाली केंद्रीय समिति के लिए चुना गया है। इस घटना के बाद यांग के प्रमुख राजनयिक पद से सेवानिवृत्त होने की अटकलों पर विराम लग गया है।
बता दें कि पूर्व चीनी विदेश मंत्री यांग ने स्टेट काउंसलर के तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ भारत-चीन सीमा वार्ता में हिस्सा लिया था। माना यह भी जाता है कि 73 दिनों तक चलने वाले डोकलाम गतिरोध को खत्म कराने को लेकर हुई बातचीत में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। बीते 28 अगस्त को भारत-चीन के बीच का यह गतिरोध खत्म हुआ था।
हर पांच साल में एक बार आयोजित होने वाली सीपीसी की कांग्रेस में केंद्रीय समिति के लिए मंगलवार को चुनाव हुआ। 204 सदस्यों वाली केंद्रीय समिति के लिए 67 वर्षीय यांग जेइची को 64 वर्षीय विदेश मंत्री वांग यी के साथ चुना गया। भारत में चीन के पूर्व राजदूत ली यूचेंग भी समिति के 172 वैकल्पिक सदस्यों में चुने गए हैं।
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सीपीसी के पोलित ब्यूरो में भी मिल सकती है जगह
प्रेक्षकों का कहना है कि यांग को सीपीसी के 25 सदस्यों वाले पोलित ब्यूरो में भी जगह मिल सकती है। इसका खुलासा देश का शासन चलाने वाली सात सदस्यों वाली स्टैंडिंग कमेटी के साथ बुधवार को होगा।
उप-प्रधानमंत्री भी बनने की संभावना
प्रेक्षकों के मुताबिक, यदि यांग को पोलित ब्यूरो में जगह मिलती है तो वह उप प्रधानमंत्री भी बन सकते हैं। यदि ऐसा हुआ तो करीब एक दशक बाद वह इस पद पर पहुंचने वाले चीनी विदेश मंत्रालय के पहले अधिकारी भी हो जाएंगे।
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बता दें कि पूर्व चीनी विदेश मंत्री यांग ने स्टेट काउंसलर के तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ भारत-चीन सीमा वार्ता में हिस्सा लिया था। माना यह भी जाता है कि 73 दिनों तक चलने वाले डोकलाम गतिरोध को खत्म कराने को लेकर हुई बातचीत में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। बीते 28 अगस्त को भारत-चीन के बीच का यह गतिरोध खत्म हुआ था।
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हर पांच साल में एक बार आयोजित होने वाली सीपीसी की कांग्रेस में केंद्रीय समिति के लिए मंगलवार को चुनाव हुआ। 204 सदस्यों वाली केंद्रीय समिति के लिए 67 वर्षीय यांग जेइची को 64 वर्षीय विदेश मंत्री वांग यी के साथ चुना गया। भारत में चीन के पूर्व राजदूत ली यूचेंग भी समिति के 172 वैकल्पिक सदस्यों में चुने गए हैं।
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सीपीसी के पोलित ब्यूरो में भी मिल सकती है जगह
प्रेक्षकों का कहना है कि यांग को सीपीसी के 25 सदस्यों वाले पोलित ब्यूरो में भी जगह मिल सकती है। इसका खुलासा देश का शासन चलाने वाली सात सदस्यों वाली स्टैंडिंग कमेटी के साथ बुधवार को होगा।
उप-प्रधानमंत्री भी बनने की संभावना
प्रेक्षकों के मुताबिक, यदि यांग को पोलित ब्यूरो में जगह मिलती है तो वह उप प्रधानमंत्री भी बन सकते हैं। यदि ऐसा हुआ तो करीब एक दशक बाद वह इस पद पर पहुंचने वाले चीनी विदेश मंत्रालय के पहले अधिकारी भी हो जाएंगे।