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चीन ने बढ़ाई ब्याज दर 'वन बेल्ट वन रोड' प्रोजेक्ट के झांसे में फंसे ये देश
amarujala.com- Submitted by: मुकेश झा
Updated Mon, 12 Jun 2017 05:09 PM IST
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चीन का वन बेल्ट, वन रोड प्रोजेक्ट जोखिम भरा साबित हो सकता है। प्रोजेक्ट के तकरीबन एक महीने बाद चीन ने बीजिंग में विशेषज्ञों और अर्थशास्त्रियों की एक फोरम बुलाई, जिसमें उनका मानना है कि इस प्रोजेक्ट में शामिल होने वाले देश नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश और पाकिस्तान दिवालिया साबित हो सकते हैं। चीन ने इस प्रोजेक्ट के तहत इन देशों को भारी कर्ज दिया है। ये कर्ज रेलवे लाइन, सड़क, पुल आदि कार्यों को लिए दिया गया है। उल्लेखनीय है कि भारत ने भी इस प्रोजेक्ट को लेकर हामी भरी हुई है।
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सूत्रों के मुताबिक, वन बेल्ट, वन रोड प्रोजेक्ट के तहत चीन द्वारा नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश और पाकिस्तान को दिए गया भारी कर्ज आने वाले कुछ समय में इन देशों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। दरअसल, चीन ने कर्ज पर ब्याज की सीमा को अत्यधिक बढ़ा दिया है। चीन ने ब्याज दर को 16 प्रतिशत तक बढ़ाया है जिसे ये देश आसानी से इसे नहीं चुका पाएंगे। बता दें कि चीन के इस कर्ज से ये एशियाई देश अपने यहां रेलवे लाइन, सड़कें, पुल आदि बनवाएंगे।
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ये भी माना जा रहा है कि ये निश्चित है कि चीन द्वारा दिए गए इस कर्ज के चलते पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल पर काफी दवाब पड़ने वाला है जिसे चुकाने में ये देश असमर्थ हो सकते हैं। वहीं, पाक के पीएम नवाज शरीफ का कहना है कि चीन-पाक इकोनोमिक कोरिडोर के चलते पाक खतरे से बाहर है। वहीं, एक ओर विशेषज्ञ का कहना है कि चीन वन बेल्ट, वन रोड प्रोजेक्ट के जरिए अपनी करेंसी युआन को डॉलर से मजबूत करने में लगा हुआ है।
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विशेषज्ञों द्वारा ये भी महसूस किया गया है कि चीन-पाक इकोनोमिक कोरिडोर से जुड़े वित्तीय हस्तातरंण में किसी भी तरह की निष्पक्षता नहीं दिखाई दे रही है और इसके जरिए युवाओं के लिए नौकरियों के भी कोई अवसर नहीं दिख रहे हैं और इस तरह प्रोजेक्ट में सिर्फ चीन को ही फायदा होता नजर आ रहा है। वहीं, यूएनइएससीएपी की रिपोर्ट से भी ये बातें सामने आ रही है कि इस प्रोजेक्ट में शामिल होने वाले देश भारी कर्ज में बुरी तरह फंसने वाले हैं।