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कर्ज में डूबा चीन, मंडरा रहे आर्थिक संकट के बादल

Thu, 29 Dec 2016 06:13 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 29 Dec 2016 06:13 PM IST
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China in Debt Burden, It may lead crisis in the country
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग - फोटो : Getty

चीन की आर्थिक स्थिति फिलहाल में उतनी बुरी नहीं है, जितनी इसके भविष्य में होने की बात कही जा रही है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक चीन की आर्थिक वृद्धि भविष्य में लड़खड़ा सकती है। इसके पीछे वजह है कर्ज है। 2009 में आई वैश्विक मंदी के दौरान चीन ने देश की आर्थिक वृद्धि बरकरार रखने के लिए एक प्रोग्राम लॉन्च किया था। इसमें उसने 600 बिलियन डॉलर यानी करीब 40,874 अरब रुपये लगाए थे। ज्यादातर कर्ज सरकारी संस्थाओं से लिया गया था। मौजूदा वर्ष में चीन का कर्ज उसकी जीडीपी का 250 फीसदी हो चुका है। सबसे ज्यादा कर्ज सरकारी कंपनियों ने इन्फ्रास्ट्रक्टर दुरुस्त करने के लिए लिया था।

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अध्ययन के मुताबिक इस बार चीन की इकॉनमी साढ़े छह से 7 फीसदी की वृद्धि के लक्ष्य को हासिल करती नहीं दिख रही है। कहा जा रहा है कि इन हालातों में चीन की सरकार एकबार फिर अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए कर्ज लेने पर ही विचार कर रही है।
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जानकारों की मानें तो कर्ज लेकर जिन देशों ने उनकी अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने की कोशिश की, उनकी अर्थव्यवस्था संकट से घिर गई।  

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