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पीओके में अपने सैनिकों की उपस्थिति का सवाल टाल गया चीन

Mon, 14 Mar 2016 10:48 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Mon, 14 Mar 2016 10:48 PM IST
सार

  • मीडिया भारत के तरफ की वास्तविक नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कहानी उछालता है
  • चीनी सेना अपने क्षेत्र में पहरा देती है

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China denies crossing of Indian boundaries
china army - फोटो : china army

विस्तार

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की उपस्थिति की रिपोर्ट को चीन ने सोमवार को टाल दिया। चीन ने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि मीडिया भारत के तरफ की वास्तविक नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कहानी उछालता रहता है।

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उन्होंने कहा कि चीनी सेना अपने क्षेत्र में पहरा देती है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कोंग ने पीओके के नौगाम सेक्टर में पीएलए की उपस्थिति के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘मैंने आपके द्वारा पूछे गए किसी घटना के बारे नहीं सुना है।’
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भारत के लद्दाख क्षेत्र में पीएलए की हालिया घुसपैठ के बारे में पूछे जाने पर कोंग ने कहा, ‘सीमा के पार जाने जैसी कोई बात नहीं है। कुछ मीडिया वास्तविकता को तोड़ मरोड़ कर पेश कर रही है और चीन-भारत सीमा के सवाल को तूल दे रहे हैं। हमें इसका खेद है।
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वर्तमान में चीन और भारत के संबंध आगे बढ़ रहे हैं। दोस्ताना सहयोग दोनों देशों की जनता के विचारों का प्रतिनिधित्व करता है। उम्मीद की जाती है कि मीडिया चीन-भारत सीमा की परिस्थितियों को यथावत प्रदर्शित करेगी और दोनों देशों की दोस्ती, आपसी विश्वास को प्रोत्साहित करने और द्विपक्षीय गठजोड़ को बढ़ाने के लिए कुछ करेगी।’ 

भारत-पाक बातचीत से सुलझाएं कश्मीर मुद्दा: लु 

China denies crossing of Indian boundaries
लु कोंग - फोटो : ANI

वहीं कश्मीर के मसले पर लु ने चीन का पक्ष रखते हुए कहा, ‘हमारा मानना है कि इतिहास ने इस महत्वपूर्ण मसले को भारत और पाकिस्तान पर छोड़ा हुआ है। हमारा मानना है कि दोनों देशों को बातचीत और मशविरे के जरिए इस मसले का उचित समाधान करना चाहिए।’

यह पूछे जाने पर किया क्या पीओके में पीएलए की उपस्थिति 46 अरब डॉलर के चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे से संबंधित है, उन्होंने सिर्फ कश्मीर मसले पर दिया अपना जवाब दोहराया। बताते चलें कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे पर भारत ने अपना विरोध प्रदर्शित किया था जो चीन के शिनजियांग प्रांत को पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से जोड़ेगा।

यह रास्ता पीओके के काराकोरम राजमार्ग से गुजरता है। चीन का कहना है कि यह गलियारा सिल्क रोड पहल का हिस्सा है जिसका उद्देश्य लोगों की जीविका में सुधार करना है और कश्मीर मसले की स्थिति से इसका कोई संबंध नहीं है।

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