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चीन ने थल सेना में की 50 फीसदी की कटौती, वायु व नौसेना को बनाया आधुनिक, साइबर वॉर की भी तैयारी
Wed, 23 Jan 2019 04:24 AM IST
Gaurav Pandey
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Gaurav Pandey
Updated Wed, 23 Jan 2019 04:24 AM IST
सार
- विश्व की सबसे बड़ी सेना का खिताब है चीन के पास
- 2013 के आंकड़ों के मुताबिक चीन के पास थे कुल 20.30 लाख सैनिक
- 2013 में इनमें नौसैनिकों की संख्या 2.35 लाख थी
- 2013 में चीनी वायु सेना में थे कुल 3.98 लाख सैनिक
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विस्तार
चीन ने अपनी थल सेना के आकार में लगभग 50 फीसदी की कटौती की है। इसकी जगह उसने अपनी नौसेना और वायुसेना में अभूतपूर्व सामरिक बदलाव किए हैं और इसकी क्षमता को बढ़ाया है। पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) को आधुनिक रूप देने के तहत चीन ने ऐसा किया है। हांगकांग स्थित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के हवाले से यह जानकारी दी।
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रिपोर्ट के मुताबिक, 20 लाख की संख्या वाली मजबूत चीनी सेना ने अपनी नौसेना, वायु सेना और नई रणनीतिक इकाइयों को काफी बढ़ावा दिया है जबकि थल सेना की संख्या में भारी कमी की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पीएलए के इतिहास में थल सेना में इतनी बड़ी गिरावट अभूतपूर्व है। इससे पीएलए में अधिकारियों की संख्या में भी 30 फीसदी की कमी आई है।
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फिर भी सबसे बड़ा सैन्य बल
पिछले कुछ वर्षों में पीएलए ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा शुरू किए गए सैन्य सुधारों के तहत तीन लाख सैनिकों को कम किया है। इसके बावजूद यह अभी भी दुनिया का सबसे बड़ा सैन्य बल है, जिसके दो लाख कर्मचारी उच्च रैंक का रुतबा रखते हैं।
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चार शाखाओं की आधी हिस्सेदारी
रिपोर्ट में कहा गया है कि पीएलए की चार अन्य शाखाएं नौसेना, वायु सेना, रॉकेट फोर्स और रणनीतिक सहायता बल, जो साइबरवॉर के लिए तैनात की गई है - अब मिलकर कुल सेना की आधी हिस्सेदारी रखती है। पारंपरिक सेना की हिस्सेदारी को घटाया जा रहा है।