{"_id":"59fb29cb4f1c1bd7538babdf","slug":"china-blocks-moves-to-list-masood-azhar-as-global-terrorist","type":"story","status":"publish","title_hn":"चीन ने अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन की कोशिश की नाकाम, मसूद अजहर को आतंकी घोषित करने पर फंसाया पेंच","category":{"title":"China","title_hn":"चीन","slug":"china"}}
चीन ने अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन की कोशिश की नाकाम, मसूद अजहर को आतंकी घोषित करने पर फंसाया पेंच
एजेंसी/ बीजिंग
Updated Fri, 03 Nov 2017 06:51 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चीन ने जैश-ए-मोहम्मद सरगना और पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन के प्रस्ताव को एक बार फिर नाकाम कर दिया है। चीन ने अजहर को संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आतंकी सूची में डालने की कार्रवाई को यह कहकर खारिज कर दिया कि इस पर आम सहमति नहीं बन पाई है।
सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य होने के नाते चीन ने अजहर पर प्रतिबंध लगाने के भारत के प्रयासों पर सुरक्षा परिषद में बार-बार अपने वीटो का इस्तेमाल किया है।
हालांकि उसके आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को यूएन की प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की सूची में पहले ही डाला जा चुका है। चीनी विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि चीन ने इस प्रस्ताव को यह कहकर खारिज कर दिया है कि इस पर सर्वसम्मति नहीं है।
विज्ञापन
इससे पहले चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग से जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या चीन भारत के अनुरोध पर फिर से वीटो लगाएगा, इसके जवाब में उन्होंने कहा कि इस मामले पर हमने तकनीकी रोक लगा रखी है ताकि समिति और इसके सदस्यों को इस पर विचार करने का अधिक समय मिल सके। लेकिन अभी तक इस पर सर्वसम्मति नहीं बन पाई है।
चीन ने अजहर मामले पर अगस्त में भी अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन के प्रस्ताव पर तीन महीने की तकनीकी रोक लगा दी थी। इससे पहले इसने संयुक्त राष्ट्र में फरवरी में इस कार्रवाई पर वीटो लगाया था।
चीन के इस आधिकारिक बयान से संकेत मिलता है कि वह सुरक्षा परिषद की 1267 समिति में वीटो लगाएगा ताकि इस प्रस्ताव को ही रद्द कर दिया जाए। अजहर मामले पर चीन ने लगातार दूसरे साल प्रस्ताव को खारिज किया है।
प्रवक्ता हुआ ने कहा कि हम तकनीकी समिति के फैसले और इसकी प्रक्रिया के नियमों का पालन करते रहेंगे और समिति के सदस्यों के साथ लगातार संवाद और सहयोग बनाए रखेंगे। उन्होंने कहा कि इस समिति के अपने नियम हैं और यह अभी तक सर्वसम्मति पर पहुंची है।
विज्ञापन
सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य होने के नाते चीन ने अजहर पर प्रतिबंध लगाने के भारत के प्रयासों पर सुरक्षा परिषद में बार-बार अपने वीटो का इस्तेमाल किया है।
विज्ञापन
हालांकि उसके आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को यूएन की प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की सूची में पहले ही डाला जा चुका है। चीनी विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि चीन ने इस प्रस्ताव को यह कहकर खारिज कर दिया है कि इस पर सर्वसम्मति नहीं है।
विज्ञापन
इससे पहले चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग से जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या चीन भारत के अनुरोध पर फिर से वीटो लगाएगा, इसके जवाब में उन्होंने कहा कि इस मामले पर हमने तकनीकी रोक लगा रखी है ताकि समिति और इसके सदस्यों को इस पर विचार करने का अधिक समय मिल सके। लेकिन अभी तक इस पर सर्वसम्मति नहीं बन पाई है।
चीन ने अजहर मामले पर अगस्त में भी अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन के प्रस्ताव पर तीन महीने की तकनीकी रोक लगा दी थी। इससे पहले इसने संयुक्त राष्ट्र में फरवरी में इस कार्रवाई पर वीटो लगाया था।
चीन के इस आधिकारिक बयान से संकेत मिलता है कि वह सुरक्षा परिषद की 1267 समिति में वीटो लगाएगा ताकि इस प्रस्ताव को ही रद्द कर दिया जाए। अजहर मामले पर चीन ने लगातार दूसरे साल प्रस्ताव को खारिज किया है।
प्रवक्ता हुआ ने कहा कि हम तकनीकी समिति के फैसले और इसकी प्रक्रिया के नियमों का पालन करते रहेंगे और समिति के सदस्यों के साथ लगातार संवाद और सहयोग बनाए रखेंगे। उन्होंने कहा कि इस समिति के अपने नियम हैं और यह अभी तक सर्वसम्मति पर पहुंची है।