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UN में स्थायी सदस्यता के लिए भारत के इस दांव पर चीन की बोलती बंद !

Wed, 15 Mar 2017 12:18 PM IST
amarujala.com- Presented by : अजय कुमार सिंह
amarujala.com- Presented by : अजय कुमार सिंह Updated Wed, 15 Mar 2017 12:18 PM IST
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Another Big Initiative By India At UN Draws Lukewarm China Response

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए वीटो पावर छोड़ने की भारत की पेशकश पर चीन ने सधी प्रतिक्रिया दी है। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा है कि चीन, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार का समर्थन करता है।

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साथ ही ये भी कहा कि इसमें विकासशील देशों का और प्रतिनिधित्व और राय होनी चाहिए। गौरतलब है कि सुरक्षा परिषद में 15 सदस्य हैं, जिनमें पांच स्थायी सदस्य- चीन, रूस, अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस है। कुछ दिन पहले भारत ने कहा था कि स्थायी सदस्यता के लिए कुछ दिनों के लिए वो वीटो पावर छोड़ने को तैयार है।
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चीन ने सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए सभी पक्षों की चिंताओं एवं हितों को समटेते हुए पैकेज समाधान पर जोर दिया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए एक लिखित जवाब में चीन ने कहा कि इन मुद्दों का एक पैकेज समाधान पर पहुंचकर ही हल किया जा सकता है। जिसमें व्यापक लोकतांत्रिक विमर्श के माध्यम से सभी पक्षों के हितों एवं चिंताओं को समेटा गया हो।
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गौरतलब है कि यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि जी4 देशों, भारत, जापान, ब्राजील और  जर्मनी का मानना है कि यूएन के सदस्य देशों का एक बड़ा बहुमत स्थायी और अस्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने के पक्ष में हैं। समूह ने चेताया था कि वीटो का मुद्दा महत्वपूर्ण  है लेकिन सदस्य देशों को इसे परिषद सुधार की प्रक्रिया पर ही वीटो के तौर पर उपयोग नहीं करना चाहिए।


सदस्यों द्वारा सुधार के नाम पर अस्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाए जाने के विचार की ओर इशारा करते हुए समूह ने कहा कि सुरक्षा परिषद में स्थायी और अस्थायी सदस्यों के बीच शक्ति का असंतुलन है और केवल अस्थायी वर्ग में विस्तार से समस्या का समाधान नहीं होगा। वास्तव में यह स्थायी और अस्थायी सदस्यों के बीच अंतर को और बढ़ाएगा।

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