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दोकलम विवाद के बाद मोदी-जिनपिंग 27 को करेंगे भारत-चीन संबंधों की नई शुरुआत 

Mon, 23 Apr 2018 01:29 AM IST
एजेंसी, बीजिंग
एजेंसी, बीजिंग Updated Mon, 23 Apr 2018 01:29 AM IST
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After the Doklam controversy, Modi Jinping will do 27, India-China relations start new
मोदी-जिनपिंग
दोकलम विवाद से भारत-चीन संबंधों में आए ठहराव को दूर करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अगले शुक्रवार को चीन के वुहान में मिलेंगे और रिश्तों में नई जान फूंकने की पहल करेंगे। जिनपिंग के न्योते पर ही मोदी दोकलम विवाद के बाद पहली बार चीन पहुंचेंगे। इस दो दिवसीय दौरे की घोषणा रविवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने की।
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वांग और सुषमा ने साझा बयान में कहा कि सेंट्रल चीन के वुहान शहर में 27 और 28 अप्रैल को होने वाली इस अनौपचारिक शिखर वार्ता में शीर्ष नेता भारत-चीन संबंधों से जुड़े तमाम द्विपक्षीय मुद्दों के साथ ही अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। वांग ने कहा, भारत और चीन सहयोग में ‘प्राकृतिक साथी’ हैं। हमारे साझा हित हमारे मतभेदों से ज्यादा अहम हैं। हम कोशिश करेंगे कि ये मुलाकात भारत-चीन संबंधों के इतिहास में नया मील का पत्थर बने। 
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मोदी को खास तवज्जो

चीन मोदी के इस दौरे को कितना महत्व दे रहा है, यह इससे भी पता चलता है कि ये पहला मौका होगा, जब राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्विपक्षीय वार्ता के लिए किसी विदेशी नेता से बीजिंग से इतर अपने देश में कहीं और मिलेंगे। आमतौर पर चीन कोई बहुपक्षीय सम्मेलन ही बीजिंग से बाहर आयोजित करता है।
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एससीओ सम्मेलन से पहले बढ़ेंगे रिश्ते

प्रधानमंत्री मोदी को इस दौरे के करीब डेढ़ महीने बाद 9 व 10 जून को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने फिर चीन के कियांगडो शहर ही जाना है। तब भी मोदी और जिनपिंग की मुलाकात होगी। हालिया सालों में ये पहला मौका होगा, जब कोई विदेशी नेता इतनी जल्दी चीन के दो दौरे करेगा।

दीर्घकालिक हितों के लिए अहम होगा मोदी का दौरा

वांग यी ने इस दौरे को दोनों देशों के दीर्घकालिक हितों के लिए अहम बताया। सुषमा ने कहा, दोनों नेता एक-दूसरे को विकास से जुड़ी अपनी प्राथमिकताओं से भी अवगत कराएंगे। साथ ही विवाद और मतभेदों के कारण कमजोर हो गई द्विपक्षीय साझेदारियों को भी नए सिरे से मजबूती देंगे।

क्यों खास होगा ये दौरा

After the Doklam controversy, Modi Jinping will do 27, India-China relations start new
modi-jinping
चार साल में चौथी बार प्रधानमंत्री मोदी जा रहे हैं चीन
दोकलम विवाद के 10 महीने बाद पहली बार होगा दौरा
दिसंबर के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ी है शीर्ष स्तर पर वार्ता
दोनों देश लगातार मान रहे हैं साझा हितों पर सहयोग की बात
चीन वन बेल्ट, वन रोड (ओबीओआर) प्रोजेक्ट के लिए चाहता है भारत का साथ
भारत की तरफ से ओबीओआर के सहायक प्रोजेक्ट को पाक अधिकृत कश्मीर से गुजारने पर है आपत्ति
भारत-चीन के बीच अस्पष्ट सीमा के चलते होने वाले विवादों का निपटारा आवश्यक
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए भारत की राह में चीन है बाधा
पाकिस्तान को लेकर भारत के विरोध जताने पर भी चीन आता रहा है आड़े

एक फोन कॉल से हुई शुरुआत

भारत और चीन के शीर्ष नेताओं के बीच संबंधों को नए सिरे से सुधारने की पहल इस साल तब शुरू हुई, जब प्रधानमंत्री मोदी ने चीनी जिनपिंग को फोन कर बधाई दी। मोदी के चीन दौरे की घोषणा करते हुए चीनी विदेशमंत्री ने कहा, चीन की राष्ट्रीय जन कांग्रेस के समापन की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपित जिनपिंग ने प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से बेहद अहम फोन कॉल रिसीव की। उन्होंने आगे कहा कि इस फोन कॉल ने दोनों देशों के बीच वार्ता की प्रक्रिया को सकारात्मक गति देने का काम किया।
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