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डोकलाम विवाद के बाद पहली बार भारत-चीन के बीच हुई बात, भरोसा बनाए रखने के उपायों पर की चर्चा
एजेंसी, बीजिंग
Updated Sat, 18 Nov 2017 11:17 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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डोकलाम तनातनी के बाद भारत और चीन ने शुक्रवार को सीमा परामर्श और समन्वय तंत्र पर पहली बैठक आयोजित की। इस दौरान दोनों पक्षों ने अपनी सीमाओं के क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की और भरोसा बनाए रखने के उपायों के साथ सैन्य संपर्क पर विचार साझा किए।
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भारतीय दूतावास द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए कार्य तंत्र (डब्ल्यूएमसीसी) की दसवीं बैठक बीजिंग में आयोजित हुई। डब्ल्यूएमसीसी को 2012 में एक संस्थागत तंत्र के रूप में स्थापित किया गया था।
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इसे सीमा घुसपैठ की वजह से पैदा होने वाले तनाव को कम करने और सीमा सुरक्षा बल के जवानों के बीच सहयोग और समन्वय मजबूत करने, शांति स्थापित करने और विचारों के आदान-प्रदान के लिए स्थापित किया गया। भारत और चीन के बीच का सीमा विवाद 3,488 किमी लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर है।
यह वार्ता विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) प्रणय वर्मा और एशियाई विभाग के महानिदेशक जिओ कियान के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडलों के बीच हुई। सिक्किम में स्थित डोकलाम में 73-दिवसीय गतिरोध के बाद दोनों देशों के बीच पहली ऐसी वार्ता हुई।
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