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खुलासा : कोविड-19 के एक साल पहले ही जिंदा चमगादड़ पकड़ रहा था चीन
Sun, 14 Mar 2021 06:14 AM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 14 Mar 2021 06:14 AM IST
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वुहान लैब...
- फोटो : Twitter@PeterDaszak
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चीन से निकले कोरोना वायरस ने लाखों जिंदगियों को खत्म कर दिया। दुनियाभर ने चीन पर आरोप लगाए कि चीन की वुहान लैब से कोरोना वायरस निकला है। ये पता करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक टीम भी भेजी थी, लेकिन उसने चीन को क्लीन चिट दे दी।
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डब्ल्यूएचओ के क्लीन चिट देने के बाद अब सबूत मिल रहे हैं कि कोरोना वायरस वुहान की लैब से ही निकला है। एक रिपोर्ट में पता चला है कि चीन कोरोना का पहला मामला मिलने से एक साल पहले ही चमगादड़ों को पकड़ने में लगा था। सवाल ये कि चमगादड़ों से खतरा नहीं तो चीन उन्हें एक साल से क्यों पकड़ रहा था?
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एक न्यूज चैनल के अनुसार चीन की वुहान लैब 11 महीने पहले ही चमगादड़ों को रखने के पिंजड़ों का पेटेंट हासिल कर चुकी थी। लैब ने 2018 में ही पिंजड़ों का पेटेंट हासिल करने के लिए आवेदन कर दिया था।
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खाना खिलाने के दौरान ही इंसानों में फैला कोविड-19
खूफिया सूत्रों के मुताबिक चीनी लैब चमगादड़ों को पकड़ती थी और गुफाओं से पिंजड़ों में रखती थी साथ उनको खाना भी खिलाया जाता था और उनके प्रजनन पर भी काम किया जाता था। इस लैब में चमगादड़ को कृत्रिम तरीके से संक्रमित किया जाता था। ऐसे में शक है कि इन्हीं चमगादड़ों को खाना खिलाने के दौरान ही कोविड-19 इंसानों में फैला।